Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2017 · 1 min read

एक मुठ्ठी भर ख्वाहिश थी तुझे पाने की

एक मुठ्ठी भर ख्वाहिश थी
तुझे पाने की।
अब तो आदत सी हो गयी है
क़िस्मत को भी रूठ जाने की।
अब हर कदम पर क़िस्मत
मुझे आज़माती है।
ना हो नाराज़ मुझसे
मेरी किस्मत भी रूठ जाती है।
तुझे मैं मनाने में दिन रात
एक करता हूँ।
तू ही तो है क़िस्मत मेरी
मैं ये समझता हूँ।
तू मेरी आदत बन गई है
कैसे छूट पायेगी।
अगर तूने अपना लिया तो
मेरी ख्वाहिश पूरी हो जायेगी
मेरी क़िस्मत बदल जायेगी

भूपेंद्र रावत
03/02/2017

Language: Hindi
1 Like · 421 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
समस्त जगतकी बहर लहर पर,
समस्त जगतकी बहर लहर पर,
Neelam Sharma
पहली दस्तक
पहली दस्तक
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
'बेटी की विदाई'
'बेटी की विदाई'
पंकज कुमार कर्ण
"दुनिया"
Dr. Kishan tandon kranti
*झंडा (बाल कविता)*
*झंडा (बाल कविता)*
Ravi Prakash
कागज़ की नाव सी, न हो जिन्दगी तेरी
कागज़ की नाव सी, न हो जिन्दगी तेरी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
माटी में है मां की ममता
माटी में है मां की ममता
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
समस्या का समाधान
समस्या का समाधान
Paras Nath Jha
गल्प इन किश एण्ड मिश
गल्प इन किश एण्ड मिश
प्रेमदास वसु सुरेखा
प्रेरणा गीत (सूरज सा होना मुश्किल पर......)
प्रेरणा गीत (सूरज सा होना मुश्किल पर......)
अनिल कुमार निश्छल
कभी कभी ज़िंदगी में जैसे आप देखना चाहते आप इंसान को वैसे हीं
कभी कभी ज़िंदगी में जैसे आप देखना चाहते आप इंसान को वैसे हीं
पूर्वार्थ
फ़ितरत का रहस्य
फ़ितरत का रहस्य
Buddha Prakash
जिंदगी भर हमारा साथ रहे जरूरी तो नहीं,
जिंदगी भर हमारा साथ रहे जरूरी तो नहीं,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
2798. *पूर्णिका*
2798. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
क्रिसमस से नये साल तक धूम
क्रिसमस से नये साल तक धूम
Neeraj Agarwal
दिल तुम्हारा जो कहे, वैसा करो
दिल तुम्हारा जो कहे, वैसा करो
अरशद रसूल बदायूंनी
तुम्हे याद किये बिना सो जाऊ
तुम्हे याद किये बिना सो जाऊ
The_dk_poetry
फितरत
फितरत
Dr.Priya Soni Khare
चल पनघट की ओर सखी।
चल पनघट की ओर सखी।
Anil Mishra Prahari
ऐसा लगता है कि एमपी में
ऐसा लगता है कि एमपी में
*Author प्रणय प्रभात*
"मेरी नयी स्कूटी"
Dr Meenu Poonia
प्यार करने वाले
प्यार करने वाले
Pratibha Pandey
....ऐ जिंदगी तुझे .....
....ऐ जिंदगी तुझे .....
Naushaba Suriya
గురు శిష్యుల బంధము
గురు శిష్యుల బంధము
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
जिंदगी जीना है तो खुशी से जीयों और जीभर के जीयों क्योंकि एक
जिंदगी जीना है तो खुशी से जीयों और जीभर के जीयों क्योंकि एक
जय लगन कुमार हैप्पी
मेरे होते हुए जब गैर से वो बात करती हैं।
मेरे होते हुए जब गैर से वो बात करती हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
सावन के झूलें कहे, मन है बड़ा उदास ।
सावन के झूलें कहे, मन है बड़ा उदास ।
रेखा कापसे
भाई बहिन के त्यौहार का प्रतीक है भाईदूज
भाई बहिन के त्यौहार का प्रतीक है भाईदूज
gurudeenverma198
Loading...