Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Jul 2016 · 1 min read

एक ऐसा था इंसान

वो दुनियाँ के गम ले रहा था
बाँट रहा था खुशियोँ के पल
वो हंस रहा था गम ले के
पथ से हटा रहा था काँटा
और बिछा रहे थे सुमन
एक ऐसा था इंसान ……

वो दिखा रहा था
भटके लोगो को पथ
मिटा रहे थे अँधेरा-पन
उनका इरादा बड़ा नेक था
जोड़ रहे थे टुटा बंधन
एक ऐसा था इंसान ……

प्रेम करते थे हर प्राणी को
वो न करता था
खुद पे कभी अभिमान
दीन दुखियों की सेवा को
वो समझता था मान-सम्मान
एक ऐसा था इंसान ……

कहते थे !
उसे जमीं का भगवान
पर वो कहता था
मै हूँ सधारण इंसान
जो बुराई को मिटाता था
सत्य से करता था प्रेम
वो बाँटता-फिरता था ज्ञान
एक ऐसा था इंसान …

Language: Hindi
Tag: कविता
215 Views
You may also like:
उनका लिखा कलाम सा लगता है।
Taj Mohammad
न तुमने कुछ न मैने कुछ कहा है
ananya rai parashar
कहते हैं न....
Varun Singh Gautam
अति का अंत
AMRESH KUMAR VERMA
ओ मेरे !....
ईश्वर दयाल गोस्वामी
गुम होता अस्तित्व भाभी, दामाद, जीजा जी, पुत्र वधू का
Dr Meenu Poonia
हो साहित्यिक गूँज का, कुछ ऐसा आगाज़
Dr Archana Gupta
सार संभार
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
Writing Challenge- समय (Time)
Sahityapedia
गीत - मैं अकेला दीप हूं
Shivkumar Bilagrami
'फौजी होना आसान नहीं होता"
Lohit Tamta
मैं डरती हूं।
Dr.sima
मनुज से कुत्ते कुछ अच्छे।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
आजादी के दीवानों ने
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
हायकु मुक्तक-पिता
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
सफर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
संविधान विशेष है
Buddha Prakash
तुम चाहो तो सारा जहाँ मांग लो.....
डॉ. अनिल 'अज्ञात'
प्रेम गीत पर नृत्य करें सब
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
भ्रष्ट राजनीति
Shekhar Chandra Mitra
वक्त गर साथ देता
VINOD KUMAR CHAUHAN
बेवफा अपनों के लिए/Bewfa apno ke liye
Shivraj Anand
" REAL APPLICATION OF PUNCTUALITY "
DrLakshman Jha Parimal
विन्यास
DR ARUN KUMAR SHASTRI
'नील गगन की छाँव'
Godambari Negi
✍️किसी रूठे यार के लिए...
'अशांत' शेखर
"खुद की तलाश"
Ajit Kumar "Karn"
तेरी दहलीज़ तक
Kaur Surinder
सच को सच
Dr fauzia Naseem shad
*दो गज दूरी नहीं रहेगी ( गीत )*
Ravi Prakash
Loading...