Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Jul 2016 · 1 min read

ऊपर से चाहें तुम हँसते रहते हो

ऊपर से चाहें तुम हँसते रहते हो
दर्द पता है अंदर अंदर गहते हो

राह दिखाती माँ की बातें जीवन भर
अगर सभी वो अपने मन में तहते हो

विरह अगर अपनों का सहना पड़ता है
दिल पर पत्थर रख तुम ये सब सहते हो

भाव बता देते हैं सब कुछ चहरे के
मुँह से चाहें बात नहीं कुछ कहते हो

चाहें मिले ख़ुशी तुमको या कोई गम
आँखों से बस चुपके चुपके बहते हो

हार अर्चना मान मुश्किलों से क्यों तुम
खड़ी इमारत उम्मीदों की ढहते हो
डॉ अर्चना गुप्ता

12 Comments · 555 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
राना दोहावली- तुलसी
राना दोहावली- तुलसी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
हकीकत पर एक नजर
हकीकत पर एक नजर
पूनम झा 'प्रथमा'
संस्कार
संस्कार
Sanjay ' शून्य'
ज़िंदगी
ज़िंदगी
Dr. Seema Varma
" दिल गया है हाथ से "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
नीची निगाह से न यूँ नये फ़ित्ने जगाइए ।
नीची निगाह से न यूँ नये फ़ित्ने जगाइए ।
Neelam Sharma
■सीखने योग्य■
■सीखने योग्य■
*Author प्रणय प्रभात*
गीत शब्द
गीत शब्द
Suryakant Dwivedi
जंगल में सर्दी
जंगल में सर्दी
Kanchan Khanna
धीरे-धीरे ला रहा, रंग मेरा प्रयास ।
धीरे-धीरे ला रहा, रंग मेरा प्रयास ।
sushil sarna
आसां  है  चाहना  पाना मुमकिन नहीं !
आसां है चाहना पाना मुमकिन नहीं !
Sushmita Singh
गुरु से बडा न कोय🌿🙏🙏
गुरु से बडा न कोय🌿🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कितना खाली खालीपन है !
कितना खाली खालीपन है !
Saraswati Bajpai
लघुकथा - एक रुपया
लघुकथा - एक रुपया
अशोक कुमार ढोरिया
हे मृत्यु तैयार यदि तू आने को प्रसन्न मुख आ द्वार खुला है,
हे मृत्यु तैयार यदि तू आने को प्रसन्न मुख आ द्वार खुला है,
Vishal babu (vishu)
महबूबा से
महबूबा से
Shekhar Chandra Mitra
काश तुम्हारी तस्वीर भी हमसे बातें करती
काश तुम्हारी तस्वीर भी हमसे बातें करती
Dushyant Kumar Patel
कहा किसी ने
कहा किसी ने
Surinder blackpen
खुद के व्यक्तिगत अस्तित्व को आर्थिक सामाजिक तौर पर मजबूत बना
खुद के व्यक्तिगत अस्तित्व को आर्थिक सामाजिक तौर पर मजबूत बना
पूर्वार्थ
*पाकिस्तान में रह गए हिंदुओं की पीड़ा( तीन* *मुक्तक* )
*पाकिस्तान में रह गए हिंदुओं की पीड़ा( तीन* *मुक्तक* )
Ravi Prakash
चाल, चरित्र और चेहरा, सबको अपना अच्छा लगता है…
चाल, चरित्र और चेहरा, सबको अपना अच्छा लगता है…
Anand Kumar
।।अथ श्री सत्यनारायण कथा चतुर्थ अध्याय।।
।।अथ श्री सत्यनारायण कथा चतुर्थ अध्याय।।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
वंशवादी जहर फैला है हवा में
वंशवादी जहर फैला है हवा में
महेश चन्द्र त्रिपाठी
हजारों लोग मिलेंगे तुम्हें
हजारों लोग मिलेंगे तुम्हें
ruby kumari
कृष्ण जन्म
कृष्ण जन्म
लक्ष्मी सिंह
दो दोस्तों की कहानि
दो दोस्तों की कहानि
Sidhartha Mishra
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
💐प्रेम कौतुक-385💐
💐प्रेम कौतुक-385💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भाई दोज
भाई दोज
Ram Krishan Rastogi
कलयुग मे घमंड
कलयुग मे घमंड
Anil chobisa
Loading...