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20 Feb 2017 · 1 min read

उठो उठो मेरे जागो बेटा

उठो उठो मेरे जागो बैटा मेेैया बुलाया करती है| हुआ सबेरा मुर्गा वोला,चिडियाँ कू-कू करती है||

सूरज की किरणे भी यारो बिखरा बिखरा करती है|
कलियो ने अपना मुँह खोला,चमन खिला भी करती है||

खुशबू फूलो की महकी है भँवरा गुँजन करते है|
बच्चो की किलकारी से भी मॉ मुस्काया करती है||

कृष्णा जागो प्रियम मेरे राह बुलाया करती है|
लाड़ प्यार से दादी नानी हमें खिला़या करती है||

उठो उठो मेरे जागो बैटा मेेैया बुलाया करती है|
हुआ सबेरा मुर्गा वोला,चिडियाँ कू-कू करती है||

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