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2 Aug 2023 · 1 min read

इश्क़ का दामन थामे

इश्क़ का दामन‌ थामे , हम दूर तक चले आये ।
बेवफाई कर गये वो,और कर गये हमें पराये।

धड़कन की तस्बीह में हम लेते रहे तेरा नाम
मुद्दत हुई, लेकिन तुम ये बात समझ न पाये।

तेरे कदमों की मिट्टी को,सजदा करते रहे हम
दिल तेरी दहलीज़ तक,हम पहुंच कभी न पाये

इश्क़ तेरे में हुये दीवाने,सारा जहां हम भूले
जागती आंखों में हमने,सपने‌ बहुत सजाये।।

दीदार तेरा हो जाये जब, खुशी कैसे बताएं
लगे ऐसे जैसे रात को , कोई सूरज चढ़ आये।

सुरिंदर कौर

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