इजहार-ए-मुहब्बत

कुछ हर्फ़ रखे हैं मैंने
चुन कर लिफ़ाफ़े में
जो आते थे जुबां तक
और रुक जाते थे
कहना चाहता था मैं
मेरे लबों में सिमटकर रह गए
हर रोज बटोरता था मैं
यहाँ वहां से बिखरे हर्फ़
और फिर बुनता था
एक तानाबाना
काटछाँट करता था लफ्जों की
एक कुशल दर्जी की तरह
ताकि बन सके खूबसूरत सा
एक नज्म में ढला लिबास
सुनकर जिसको
हो जाओ तुम मदहोश
हो के बेखबर जहां से
कह दो मेरे दिल की बात
तुम्हारी जुबां से निकले
आब-ऐ-हयात मेरे दिल का
मिल जाए सुकून मेरी रूह को
मिट जाए बंधन जिस्मों का
एक हो जाएँ दो रूहें
मैं और तुम से बन जाएँ हम
मै नहीं चाहता करना इन्तजार
तुम कहो और मै सुनूँ
खुद ही कह देना चाहता हूँ
” इश्क है मुझे तुमसे
बेइन्तहा मुहब्बत है मुझे
क्या तुम भी करती हो
प्यार मुझसे ।
अपनाओगी मुझे”

” सन्दीप कुमार “

236 Views
You may also like:
पिता जी
Rakesh Pathak Kathara
दुनिया पहचाने हमें जाने के बाद...
Dr. Alpa H.
अम्बेडकर जी के सपनों का भारत
Shankar J aanjna
आ जाओ राम।
Anamika Singh
सारे द्वार खुले हैं हमारे कोई झाँके तो सही
Vivek Pandey
मनस धरातल सरक गया है।
Saraswati Bajpai
जंगल में एक बंदर आया
VINOD KUMAR CHAUHAN
माँ
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
बेटियाँ
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
पिता आदर्श नायक हमारे
Buddha Prakash
विश्व हास्य दिवस
Dr Archana Gupta
जिन्दगी का मामला।
Taj Mohammad
शब्द नही है पिता जी की व्याख्या करने को।
Taj Mohammad
प्रेमिका.. मेरी प्रेयसी....
Sapna K S
दुखो की नैया
AMRESH KUMAR VERMA
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, एक सच्चे इंसान थे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कौन है
Rakesh Pathak Kathara
कर्म पथ
AMRESH KUMAR VERMA
बड़ा भाई बोल रहा हूं
Satpallm1978 Chauhan
जब वो कृष्णा मेरे मन की आवाज़ बन जाता है।
Manisha Manjari
मैं तुम पर क्या छन्द लिखूँ?
रोहिणी नन्दन मिश्र
खिला प्रसून।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मत ज़हर हबा में घोल रे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
गांव शहर और हम ( कर्मण्य)
Shyam Pandey
हमको आजमानें की।
Taj Mohammad
सत्य छिपता नहीं...
मनोज कर्ण
भगवान श्री परशुराम जयंती
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
बेटी का पत्र माँ के नाम (भाग २)
Anamika Singh
【10】 ** खिलौने बच्चों का संसार **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
Loading...