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11 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-402💐

इक महज़ एहसास ही दिया गया पयाम सा,
बोलने पर भी क्यों कुछ कहा गया पयाम सा,
महज़-क़ैद नहीं है अब उनकी वो फँस गए हैं,
कटेगा सफ़र कैसे,सब कुछ लगेगा पयाम सा।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
69 Views
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