Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Mar 2023 · 1 min read

इंक़लाब आएगा

गैरत को अपनी बेचकर
आख़िर क्या पा जाएगा!
तू यहां भी पछताएगा
तू वहां भी पछताएगा!!
कोई लाख सितम कर ले
कोई लाख जुलम कर ले!
लेकिन इंक़लाब आता है
लेकिन इंक़लाब आएगा!!
#RahulGandhi #Congress
#opposition #Revolution
#politics #Democracy
#Dictatorship #Emergency
#विपक्ष #हल्ला_बोल #सच

Language: Hindi
133 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
कैसी लगी है होड़
कैसी लगी है होड़
Sûrëkhâ
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ४)
सुनो पहाड़ की.....!!! (भाग - ४)
Kanchan Khanna
गजल
गजल
Anil Mishra Prahari
अब छोड़ दिया है हमने तो
अब छोड़ दिया है हमने तो
gurudeenverma198
मौत से बढकर अगर कुछ है तो वह जिलद भरी जिंदगी है ll
मौत से बढकर अगर कुछ है तो वह जिलद भरी जिंदगी है ll
Ranjeet kumar patre
ये रंगो सा घुल मिल जाना,वो खुशियों भरा इजहार कर जाना ,फिजाओं
ये रंगो सा घुल मिल जाना,वो खुशियों भरा इजहार कर जाना ,फिजाओं
Shashi kala vyas
*जातक या संसार मा*
*जातक या संसार मा*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हम भी नहीं रहते
हम भी नहीं रहते
Dr fauzia Naseem shad
हमें रामायण
हमें रामायण
Dr.Rashmi Mishra
ये ढलती शाम है जो, रुमानी और होगी।
ये ढलती शाम है जो, रुमानी और होगी।
सत्य कुमार प्रेमी
Under this naked sky, I wish to hold you in my arms tight.
Under this naked sky, I wish to hold you in my arms tight.
Manisha Manjari
ध्यान सारा लगा था सफर की तरफ़
ध्यान सारा लगा था सफर की तरफ़
अरशद रसूल बदायूंनी
2459.पूर्णिका
2459.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
#मिसाल-
#मिसाल-
*Author प्रणय प्रभात*
संवेदना बोलती आँखों से 🙏
संवेदना बोलती आँखों से 🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
रहे इहाँ जब छोटकी रेल
रहे इहाँ जब छोटकी रेल
आकाश महेशपुरी
यादें
यादें
Versha Varshney
*आत्महत्या*
*आत्महत्या*
आकांक्षा राय
‘ विरोधरस ‘---9. || विरोधरस के आलम्बनों के वाचिक अनुभाव || +रमेशराज
‘ विरोधरस ‘---9. || विरोधरस के आलम्बनों के वाचिक अनुभाव || +रमेशराज
कवि रमेशराज
-        🇮🇳--हमारा ध्वज --🇮🇳
- 🇮🇳--हमारा ध्वज --🇮🇳
Mahima shukla
अकेले आए हैं ,
अकेले आए हैं ,
Shutisha Rajput
अगर सीता स्वर्ण हिरण चाहेंगी....
अगर सीता स्वर्ण हिरण चाहेंगी....
Vishal babu (vishu)
*चलो नई जिंदगी की शुरुआत करते हैं*.....
*चलो नई जिंदगी की शुरुआत करते हैं*.....
Harminder Kaur
चंद्रकक्षा में भेज रहें हैं।
चंद्रकक्षा में भेज रहें हैं।
Aruna Dogra Sharma
"सच्चाई की ओर"
Dr. Kishan tandon kranti
सीढ़ियों को दूर से देखने की बजाय नजदीक आकर सीढ़ी पर चढ़ने का
सीढ़ियों को दूर से देखने की बजाय नजदीक आकर सीढ़ी पर चढ़ने का
Paras Nath Jha
नारी तेरे रूप अनेक
नारी तेरे रूप अनेक
विजय कुमार अग्रवाल
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
शासक की कमजोरियों का आकलन
शासक की कमजोरियों का आकलन
Mahender Singh
*श्री महेश राही जी (श्रद्धाँजलि/गीतिका)*
*श्री महेश राही जी (श्रद्धाँजलि/गीतिका)*
Ravi Prakash
Loading...