Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 May 2023 · 1 min read

आम राजा

आम राजा आम राजा,
फलों का है राजा आम,
देता है यह गुठली का भी दाम ।
आम पसंद होता है सभी को,
निराश नहीं करता यह किसी को ।।

ऐसा कोई अभी तक मिला नहीं,
जिसको आम पसंद नहीं ।
आम में मालदह का क्या कहना,
तुम पैसे लगाकर मालदह ही खरीदना ।।

आम के ऐसे किस्म बहुत हैं,
जैसे मालदह,नीलम,केसर,
बीजू,लँगड़ा,फजूली आम ।
मधुमेह के रोगी को इसका,
गुठली आता दवा का काम ।।

आम बहुत गुणकारी होता,
सेहत सही बनाता है ।
मन से पका होने पर सभी का,
यह दिल आनंदित कर जाता है ।।

आम फलों का राजा होता ,
हमारे बाबूजी समझाते हैं ।
रसभरे आम अच्छे लगते हैं,
इसलिये हमसब मिलकर इसे खाते हैं ।।

कच्चे आमों का भी यहाँ पर,
कई तरह से है उपयोग ।
जैसे कोई लगाता अचार इनका,
तो कोई चटनी में करता प्रयोग ।।

आम के पत्तों से होता,
घरों में पूजा पाठ का काम ।
गर्मी में जब लू लग जाये और दवा कोई काम न आये ,
तब अपनी याद दिलाता आम,
और शरीर में पकाकर लगता आम ।।

फर्नीचर से जलावन तक,
जीवन में पूजा पाठ से मृत्यु के देहावसान तक,
आम और आम का पेड़ दोनों खाने पीने से लेकर,
घर गृहस्थी में रहने सहने से,
चूल्हा चौका तक इसका प्रयोग बहुत है ।
मतलब इसके जड़ से लेकर पत्तों तक,
हमारे जीवन में उपयोग बहुत है ।।

कवि – मनमोहन कृष्ण
तारीख – 26 /5/ 2023
समय – 12 : 42 (दोपहर)

Language: Hindi
172 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जो दर्द किसी को दे, व्योहार बदल देंगे।
जो दर्द किसी को दे, व्योहार बदल देंगे।
सत्य कुमार प्रेमी
फ़ितरत-ए-धूर्त
फ़ितरत-ए-धूर्त
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मैं गहरा दर्द हूँ
मैं गहरा दर्द हूँ
'अशांत' शेखर
*सेब (बाल कविता)*
*सेब (बाल कविता)*
Ravi Prakash
ज्ञानवान के दीप्त भाल पर
ज्ञानवान के दीप्त भाल पर
महेश चन्द्र त्रिपाठी
मुस्कानों की बागानों में
मुस्कानों की बागानों में
sushil sarna
रोजगार रोटी मिले,मिले स्नेह सम्मान।
रोजगार रोटी मिले,मिले स्नेह सम्मान।
विमला महरिया मौज
प्रेम
प्रेम
पंकज कुमार कर्ण
मिलन की वेला
मिलन की वेला
Dr.Pratibha Prakash
"अकेलापन और यादें "
Pushpraj Anant
मेरे देश के लोग
मेरे देश के लोग
Shekhar Chandra Mitra
पिता का साया
पिता का साया
Neeraj Agarwal
जब  भी  तू  मेरे  दरमियाँ  आती  है
जब भी तू मेरे दरमियाँ आती है
Bhupendra Rawat
मैं हूं न ....@
मैं हूं न ....@
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक
लक्ष्मी सिंह
बगावत की बात
बगावत की बात
AJAY PRASAD
" अलबेले से गाँव है "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
भविष्य के सपने (लघुकथा)
भविष्य के सपने (लघुकथा)
Indu Singh
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Sidhartha Mishra
हक हैं हमें भी कहने दो
हक हैं हमें भी कहने दो
SHAMA PARVEEN
शब्द से शब्द टकराए तो बन जाए कोई बात ,
शब्द से शब्द टकराए तो बन जाए कोई बात ,
ज्योति
पापा जी
पापा जी
नाथ सोनांचली
विजया दशमी की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं 🎉🙏
विजया दशमी की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं 🎉🙏
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
रमेशराज की तीन ग़ज़लें
रमेशराज की तीन ग़ज़लें
कवि रमेशराज
Khuch chand kisso ki shuruat ho,
Khuch chand kisso ki shuruat ho,
Sakshi Tripathi
गैरों सी लगती है दुनिया
गैरों सी लगती है दुनिया
देवराज यादव
■ आज का शेर
■ आज का शेर
*Author प्रणय प्रभात*
"फलों की कहानी"
Dr. Kishan tandon kranti
पहले वो दीवार पर नक़्शा लगाए - संदीप ठाकुर
पहले वो दीवार पर नक़्शा लगाए - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
मैं चाहती हूँ
मैं चाहती हूँ
Shweta Soni
Loading...