Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Mar 2024 · 1 min read

आप और हम

शीर्षक – आप और हम
*****************
आप और हम ही तो जीवन होते हैं।
हम सभी के अपने सपने रहते हैं।
जिंदगी एक सफर आप हम करतें हैं।
सच और सोच झूठ फरेब भी करते हैं।
आप और हम सभी हम समझते हैं।
बस एक सोच और समझ हम मानते हैं।
न तेरा न मेरा कुछ बस सांसों के साथ हैं।
आप और हम रंगमंच के किरदार होते हैं।
सच तो हमारे जीवन में बस समर्पण हैं।
आप और हम एक-दूसरे के साथ होते हैं।
सच या फरेब हम सभी मन में रखते हैं।
बस आप और हम जीवन को जीते हैं।
हम सभी विचारों को एक-दूसरे से कहते हैं।
आओ अपने जीवन को अपने में जीते हैं।
सच और सही हम निःस्वार्थ भाव रहते हैं।
******************************
नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

Language: Hindi
64 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अभिव्यक्ति के माध्यम - भाग 02 Desert Fellow Rakesh Yadav
अभिव्यक्ति के माध्यम - भाग 02 Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
इंसान भी तेरा है
इंसान भी तेरा है
Dr fauzia Naseem shad
3305.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3305.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
"लावा सी"
Dr. Kishan tandon kranti
धर्म आज भी है लोगों के हृदय में
धर्म आज भी है लोगों के हृदय में
Sonam Puneet Dubey
कड़वा बोलने वालो से सहद नहीं बिकता
कड़वा बोलने वालो से सहद नहीं बिकता
Ranjeet kumar patre
किसी ने अपनी पत्नी को पढ़ाया और पत्नी ने पढ़ लिखकर उसके साथ धो
किसी ने अपनी पत्नी को पढ़ाया और पत्नी ने पढ़ लिखकर उसके साथ धो
ruby kumari
"रात यूं नहीं बड़ी है"
ज़ैद बलियावी
रमेशराज की ‘ गोदान ‘ के पात्रों विषयक मुक्तछंद कविताएँ
रमेशराज की ‘ गोदान ‘ के पात्रों विषयक मुक्तछंद कविताएँ
कवि रमेशराज
रिश्तों में बेबुनियाद दरार न आने दो कभी
रिश्तों में बेबुनियाद दरार न आने दो कभी
VINOD CHAUHAN
हौंसले को समेट कर मेघ बन
हौंसले को समेट कर मेघ बन
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
■ आज का क़तआ (मुक्तक)
■ आज का क़तआ (मुक्तक)
*प्रणय प्रभात*
चुनाव 2024....
चुनाव 2024....
Sanjay ' शून्य'
दर्द देह व्यापार का
दर्द देह व्यापार का
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
निभा गये चाणक्य सा,
निभा गये चाणक्य सा,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
** लिख रहे हो कथा **
** लिख रहे हो कथा **
surenderpal vaidya
बुंदेली दोहा- चंपिया
बुंदेली दोहा- चंपिया
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
आखिरी दिन होगा वो
आखिरी दिन होगा वो
shabina. Naaz
The Present War Scenario and Its Impact on World Peace and Independent Co-existance
The Present War Scenario and Its Impact on World Peace and Independent Co-existance
Shyam Sundar Subramanian
Untold
Untold
Vedha Singh
पवन
पवन
Dinesh Kumar Gangwar
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
चीरता रहा
चीरता रहा
sushil sarna
आया बाढ नग पहाड़ पे🌷✍️
आया बाढ नग पहाड़ पे🌷✍️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
श्री हरि भक्त ध्रुव
श्री हरि भक्त ध्रुव
जगदीश लववंशी
रंगमंच
रंगमंच
लक्ष्मी सिंह
गर्मी और नानी का आम का बाग़
गर्मी और नानी का आम का बाग़
कुमार
स्मृति ओहिना हियमे-- विद्यानन्द सिंह
स्मृति ओहिना हियमे-- विद्यानन्द सिंह
श्रीहर्ष आचार्य
कॉटेज हाउस
कॉटेज हाउस
Otteri Selvakumar
मेरे पांच रोला छंद
मेरे पांच रोला छंद
Sushila joshi
Loading...