Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Apr 2023 · 1 min read

*आते हैं कुछ जेल से, जाते हैं कुछ जेल (कुंडलिया)*

आते हैं कुछ जेल से, जाते हैं कुछ जेल (कुंडलिया)
➖➖➖➖➖➖➖➖
आते हैं कुछ जेल से, जाते हैं कुछ जेल
छुटे जमानत पर कई, चलता रहता खेल
चलता रहता खेल, आजकल नेता डरते
पकड़े जाते रोज, जेल को शोभित करते
कहते रवि कविराय, नहीं छुट जल्दी पाते
एक बार जो जेल, पुलिस गाड़ी में आते
_________________________
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

212 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
क्यों नारी लूट रही है
क्यों नारी लूट रही है
gurudeenverma198
कृष्ण जी के जन्म का वर्णन
कृष्ण जी के जन्म का वर्णन
Ram Krishan Rastogi
प्रेम निवेश है ❤️
प्रेम निवेश है ❤️
Rohit yadav
धन तो विष की बेल है, तन मिट्टी का ढेर ।
धन तो विष की बेल है, तन मिट्टी का ढेर ।
sushil sarna
आशियाना तुम्हारा
आशियाना तुम्हारा
Srishty Bansal
गिलहरी
गिलहरी
Satish Srijan
हर ज़ख्म हमने पाया गुलाब के जैसा,
हर ज़ख्म हमने पाया गुलाब के जैसा,
लवकुश यादव "अज़ल"
समस्या का समाधान
समस्या का समाधान
Paras Nath Jha
पुरुष को एक ऐसी प्रेमिका की चाह होती है!
पुरुष को एक ऐसी प्रेमिका की चाह होती है!
पूर्वार्थ
पश्चिम का सूरज
पश्चिम का सूरज
डॉ० रोहित कौशिक
प्रभु गुण कहे न जाएं तुम्हारे। भजन
प्रभु गुण कहे न जाएं तुम्हारे। भजन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Kohre ki bunde chhat chuki hai,
Kohre ki bunde chhat chuki hai,
Sakshi Tripathi
इसरो के हर दक्ष का,
इसरो के हर दक्ष का,
Rashmi Sanjay
शिर्डी के साईं बाबा
शिर्डी के साईं बाबा
Sidhartha Mishra
स्त्री एक कविता है
स्त्री एक कविता है
SATPAL CHAUHAN
फिर एक पल भी ना लगा ये सोचने में........
फिर एक पल भी ना लगा ये सोचने में........
shabina. Naaz
सृष्टि भी स्त्री है
सृष्टि भी स्त्री है
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मेरी प्यारी सासू मां, मैं बहुत खुशनसीब हूं, जो मैंने मां के
मेरी प्यारी सासू मां, मैं बहुत खुशनसीब हूं, जो मैंने मां के
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
निगाह  मिला  के , सूरज  पे  ऐतबार  तो  कर ,
निगाह मिला के , सूरज पे ऐतबार तो कर ,
Neelofar Khan
2842.*पूर्णिका*
2842.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
मोह माया ये ज़िंदगी सब फ़ँस गए इसके जाल में !
Neelam Chaudhary
खुशियों का बीमा
खुशियों का बीमा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मेरा महबूब आ रहा है
मेरा महबूब आ रहा है
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
सत्य बोलना,
सत्य बोलना,
Buddha Prakash
✍️✍️✍️✍️
✍️✍️✍️✍️
शेखर सिंह
विषय तरंग
विषय तरंग
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कोई भी
कोई भी
Dr fauzia Naseem shad
रिश्तों में...
रिश्तों में...
Shubham Pandey (S P)
"चुभती सत्ता "
DrLakshman Jha Parimal
"चीख उठते पहाड़"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...