Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Dec 2023 · 1 min read

“आखिर मैं उदास क्यूँ हूँ?

डॉ लक्ष्मण झा परिमल

=================

उदास मैं रहा करता हूँ

जिन्दगी को करीब से जब देखता हूँ

कहाँ कोई किसी की सुनता है ?

औरों के दर्द को

कहाँ महसूस कोई करता है ?

आँसू निकल जाते हैं

कोई सांत्वना भी देने नहीं आता है

सब अपने में व्यस्त

नज़र आते हैं

बेटे अपने माँ -बाप की

सुनते कहाँ हैं ?

समाज के लोग को अपने

कामों से फुरसत कहाँ मिलती है ?

वे भी उदास हैं

अपनी रहगुज़र से गुजरते हुए

देखता हूँ उदासी

समाज में विषमताओं को लेकर है

प्रलोभन के बाजारों में

राजनीति का खेल चल रहा है

उदास भला हम क्यों

ना हो यहाँ ,जहाँ धर्म और भाषा

में लोग बँटते जा रहे हैं

शहरी क्षेत्र के लोगों को लुभाने का

नुस्खा ईज़ाद करते हैं

बीहड़ जंगल और पहाड़ के लोग

उदासियों में ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं !!

==================

डॉ लक्ष्मण झा”परिमल ”

साउंड हेल्थ क्लिनिक

डॉक्टर’स लेन

दुमका

झारखण्ड

भारत

06.12.2023

Language: Hindi
131 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
वक्त
वक्त
Madhavi Srivastava
#परिहास
#परिहास
*Author प्रणय प्रभात*
तूझे क़ैद कर रखूं ऐसा मेरी चाहत नहीं है
तूझे क़ैद कर रखूं ऐसा मेरी चाहत नहीं है
Keshav kishor Kumar
अपने हक की धूप
अपने हक की धूप
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
क्यू ना वो खुदकी सुने?
क्यू ना वो खुदकी सुने?
Kanchan Alok Malu
हार पर प्रहार कर
हार पर प्रहार कर
Saransh Singh 'Priyam'
ऐलान कर दिया....
ऐलान कर दिया....
डॉ.सीमा अग्रवाल
"न टूटो न रुठो"
Yogendra Chaturwedi
3001.*पूर्णिका*
3001.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
" हम तो हारे बैठे हैं "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
मझधार
मझधार
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
अपेक्षा किसी से उतनी ही रखें
अपेक्षा किसी से उतनी ही रखें
Paras Nath Jha
कई रात को भोर किया है
कई रात को भोर किया है
कवि दीपक बवेजा
आज़ादी के बाद भारत में हुए 5 सबसे बड़े भीषण रेल दुर्घटना
आज़ादी के बाद भारत में हुए 5 सबसे बड़े भीषण रेल दुर्घटना
Shakil Alam
प्यार का रिश्ता
प्यार का रिश्ता
Surinder blackpen
कोरे कागज़ पर
कोरे कागज़ पर
हिमांशु Kulshrestha
वह (कुछ भाव-स्वभाव चित्र)
वह (कुछ भाव-स्वभाव चित्र)
Dr MusafiR BaithA
रात तन्हा सी
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
Mai pahado ki darak se bahti hu,
Mai pahado ki darak se bahti hu,
Sakshi Tripathi
!! हे उमां सुनो !!
!! हे उमां सुनो !!
Chunnu Lal Gupta
वो कहती हैं ग़ैर हों तुम अब! हम तुमसे प्यार नहीं करते
वो कहती हैं ग़ैर हों तुम अब! हम तुमसे प्यार नहीं करते
The_dk_poetry
वह देश हिंदुस्तान है
वह देश हिंदुस्तान है
gurudeenverma198
"तकरार"
Dr. Kishan tandon kranti
*हो न लोकतंत्र की हार*
*हो न लोकतंत्र की हार*
Poonam Matia
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
रस का सम्बन्ध विचार से
रस का सम्बन्ध विचार से
कवि रमेशराज
सफर जब रूहाना होता है
सफर जब रूहाना होता है
Seema gupta,Alwar
गुरु माया का कमाल
गुरु माया का कमाल
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जानें क्युँ अधूरी सी लगती है जिंदगी.
जानें क्युँ अधूरी सी लगती है जिंदगी.
शेखर सिंह
'एकला चल'
'एकला चल'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Loading...