Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Mar 2023 · 1 min read

आओ आज तुम्हें मैं सुला दूं

आओ आज तुम्हें मैं सुला दूं।
छोटी-सी एक लोरी सुना दूं।
मां की जिम्मेदारी नहीं तू
पिता का प्यार तुम्हें समझा दूं

मम्मी तेरी को बहुत है काम,
दिन भर वो न करती आराम,
मा के घुटनों में होता है दर्द
लगाती होगी मां को वो बाम।

महफूज़ है तू मेरी पनाहों में
पिता ही चुने कांटे राहों के,
सो जा बेफिक्र हो मेरे बच्चे
मुझे भी चैन तेरी बांहों में।

सुरिंदर कौर

Language: Hindi
126 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Surinder blackpen
View all
You may also like:
मिलते तो बहुत है हमे भी चाहने वाले
मिलते तो बहुत है हमे भी चाहने वाले
Kumar lalit
दोहा त्रयी. . . . .
दोहा त्रयी. . . . .
sushil sarna
#शेर
#शेर
*प्रणय प्रभात*
इंतिज़ार
इंतिज़ार
Shyam Sundar Subramanian
जो सोचूँ मेरा अल्लाह वो ही पूरा कर देता है.......
जो सोचूँ मेरा अल्लाह वो ही पूरा कर देता है.......
shabina. Naaz
तुझे किस बात ला गुमान है
तुझे किस बात ला गुमान है
भरत कुमार सोलंकी
काहे का अभिमान
काहे का अभिमान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
सृष्टि भी स्त्री है
सृष्टि भी स्त्री है
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
"सवाल"
Dr. Kishan tandon kranti
ओ लहर बहती रहो …
ओ लहर बहती रहो …
Rekha Drolia
3550.💐 *पूर्णिका* 💐
3550.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
*कुहरा दूर-दूर तक छाया (बाल कविता)*
*कुहरा दूर-दूर तक छाया (बाल कविता)*
Ravi Prakash
आदरणीय क्या आप ?
आदरणीय क्या आप ?
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
"अपने की पहचान "
Yogendra Chaturwedi
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
यहाँ किसे , किसका ,कितना भला चाहिए ?
_सुलेखा.
मैं रचनाकार नहीं हूं
मैं रचनाकार नहीं हूं
Manjhii Masti
हम भी तो देखे
हम भी तो देखे
हिमांशु Kulshrestha
मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आया हूँ
मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आया हूँ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
भूख-प्यास कहती मुझे,
भूख-प्यास कहती मुझे,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चाँद
चाँद
Davina Amar Thakral
स्वार्थ
स्वार्थ
Neeraj Agarwal
प्यार की कस्ती पे
प्यार की कस्ती पे
Surya Barman
Dr arun kumar shastri
Dr arun kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
12, कैसे कैसे इन्सान
12, कैसे कैसे इन्सान
Dr Shweta sood
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-143के दोहे
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-143के दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
किसी मोड़ पर अब रुकेंगे नहीं हम।
किसी मोड़ पर अब रुकेंगे नहीं हम।
surenderpal vaidya
हर इंसान होशियार और समझदार है
हर इंसान होशियार और समझदार है
पूर्वार्थ
मौहब्बत जो चुपके से दिलों पर राज़ करती है ।
मौहब्बत जो चुपके से दिलों पर राज़ करती है ।
Phool gufran
🌷🙏जय श्री राधे कृष्णा🙏🌷
🌷🙏जय श्री राधे कृष्णा🙏🌷
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
"महंगाई"
Slok maurya "umang"
Loading...