Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Feb 2017 · 1 min read

** आईना जब झूठ बोलता है **

*आईना जब झूठ बोलता है
मुस्कुराता हुआ चेहरा
दिल मजबूर बोलता है
तस्वीर दिखती जो आईने में
कुछ और हाल-ए-दिल कुछ और
कहते हैं
आईना कभी झूठ नहीं बोलता
आजकल पारदर्शिता दिखाने को है
महज कहने को है पारदर्शी मगर
दिल के दरवाज़े पर गहन अंधकार है तम की डोर को थामे दो दिल
दो छोर से पकड़े हैं महज दिल को कुंठित दिल अपारदर्शी सा है
सघन तम में दिल के जज़्बात
कौन सुन्ना चाहता है
आईना आजकल
सच्च की तस्वीर कब दिखा पाता है जब आईना देखनेवाले दिल
आईने को ख़ुद मैला किये देते हैं
कभी झूठ आईना दिखलाता था
आज आईना
ख़ुद को ना सम्भाल पाया है
शायद कल
यह उक्ति भी विश्वास योग्य ना रहे
कि आईना कभी झूठ नहीं बोलता आईना जब झूठ बोलता है
आईना जब झूठ बोलता है ।।

?मधुप बैरागी

Language: Hindi
1 Like · 928 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from भूरचन्द जयपाल
View all
You may also like:
साधना
साधना
Vandna Thakur
"I’m now where I only want to associate myself with grown p
पूर्वार्थ
*रामलला सिखलाते सबको, राम-राम ही कहना (गीत)*
*रामलला सिखलाते सबको, राम-राम ही कहना (गीत)*
Ravi Prakash
रंग बरसे
रंग बरसे
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
हृदय मे भरा अंधेरा घनघोर है,
हृदय मे भरा अंधेरा घनघोर है,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
जिंदगी में अगर आपको सुकून चाहिए तो दुसरो की बातों को कभी दिल
जिंदगी में अगर आपको सुकून चाहिए तो दुसरो की बातों को कभी दिल
Ranjeet kumar patre
शिक्षक दिवस
शिक्षक दिवस
Ram Krishan Rastogi
मौन की सरहद
मौन की सरहद
Dr. Kishan tandon kranti
कभी कभी पागल होना भी
कभी कभी पागल होना भी
Vandana maurya
......... ढेरा.......
......... ढेरा.......
Naushaba Suriya
कैसी है ये जिंदगी
कैसी है ये जिंदगी
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
मेरे पिता
मेरे पिता
Dr.Pratibha Prakash
गुजरे हुए वक्त की स्याही से
गुजरे हुए वक्त की स्याही से
Karishma Shah
2570.पूर्णिका
2570.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
फ़ब्तियां
फ़ब्तियां
Shivkumar Bilagrami
बादल छाये,  नील  गगन में
बादल छाये, नील गगन में
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Mohabbat
Mohabbat
AMBAR KUMAR
जिस चीज को किसी भी मूल्य पर बदला नहीं जा सकता है,तो उसको सहन
जिस चीज को किसी भी मूल्य पर बदला नहीं जा सकता है,तो उसको सहन
Paras Nath Jha
किस तरह से गुज़र पाएँगी
किस तरह से गुज़र पाएँगी
हिमांशु Kulshrestha
कली को खिलने दो
कली को खिलने दो
Ghanshyam Poddar
प्रेम-प्रेम रटते सभी,
प्रेम-प्रेम रटते सभी,
Arvind trivedi
#अच्छे_दिनों_के_लिए
#अच्छे_दिनों_के_लिए
*Author प्रणय प्रभात*
खुदगर्ज दुनियाँ मे
खुदगर्ज दुनियाँ मे
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
Cottage house
Cottage house
Otteri Selvakumar
हौसले के बिना उड़ान में क्या
हौसले के बिना उड़ान में क्या
Dr Archana Gupta
ग़म बांटने गए थे उनसे दिल के,
ग़म बांटने गए थे उनसे दिल के,
ओसमणी साहू 'ओश'
ਕਿਸਾਨੀ ਸੰਘਰਸ਼
ਕਿਸਾਨੀ ਸੰਘਰਸ਼
Surinder blackpen
सुकुमारी जो है जनकदुलारी है
सुकुमारी जो है जनकदुलारी है
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अम्बे तेरा दर्शन
अम्बे तेरा दर्शन
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
Loading...