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13 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-101💐

अभी-अभी बोसी हुई है उनसे बोसी।
और संग में ख़ामोश रहने की कह गए।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
126 Views
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