Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Apr 2017 · 1 min read

अभी अभी तो जन्मा हूँ

अभी तो मै जन्मा हूँ,कुछ दिन मौज मनाने दो।
अभी करो नही बड़ा,कुछ दिन तो इठलाने दो।
आज नही तो फिर कभी बचपन तो छुटेगा ही।
इतनी जल्दी काहे की खुशियाँ तो लूटेगा ही।
छूटे बचपन जल्दी से और बड़ा हो जाऊं मै।
होकर बड़ा फिर राज करूं एसी सोच मनाऊं मै।
तो इसका मतलब है मै खेल से जी चुराता हूँ।
इसीलिए तो इसे छोड़ने को मै चट पटाता हूँ।
सो जिसको बनना हे बड़ा वो ही दौड़ लगाये।
हम तो छोटे है छोटे रहेंगे उसमे मौज मनाये।
मौज मौज में जो मिल जाए हमको सम्मान वो ही काफी।
लड़ झगडकर टॉफी पाकर काहे को हम इतराए।
पैसे चार कमा लेंने से कुछ स्वाभिमान नही होगा।
बिन बात बड़ा बढ़ बन जाने से कोई सम्मान नही होगा।

******मधू गौतम

Language: Hindi
313 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
■ आज का शेर अपने यक़ीन के नाम।
■ आज का शेर अपने यक़ीन के नाम।
*Author प्रणय प्रभात*
ये मौसम ,हाँ ये बादल, बारिश, हवाएं, सब कह रहे हैं कितना खूबस
ये मौसम ,हाँ ये बादल, बारिश, हवाएं, सब कह रहे हैं कितना खूबस
Swara Kumari arya
जिंदगी
जिंदगी
Sangeeta Beniwal
यक्ष प्रश्न है जीव के,
यक्ष प्रश्न है जीव के,
sushil sarna
* सखी  जरा बात  सुन  लो *
* सखी जरा बात सुन लो *
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ८)
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ८)
Kanchan Khanna
राम का आधुनिक वनवास
राम का आधुनिक वनवास
Harinarayan Tanha
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
The_dk_poetry
बिखरी बिखरी जुल्फे
बिखरी बिखरी जुल्फे
Khaimsingh Saini
शिव की बनी रहे आप पर छाया
शिव की बनी रहे आप पर छाया
Shubham Pandey (S P)
ज़िदादिली
ज़िदादिली
Shyam Sundar Subramanian
डर
डर
Neeraj Agarwal
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-151से चुने हुए श्रेष्ठ दोहे (लुगया)
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-151से चुने हुए श्रेष्ठ दोहे (लुगया)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
बनारस
बनारस
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
जल जंगल जमीन जानवर खा गया
जल जंगल जमीन जानवर खा गया
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हनुमानजी
हनुमानजी
सत्यम प्रकाश 'ऋतुपर्ण'
परिवार के लिए
परिवार के लिए
Dr. Pradeep Kumar Sharma
किसको सुनाऊँ
किसको सुनाऊँ
surenderpal vaidya
तू मेरी मैं तेरा, इश्क है बड़ा सुनहरा
तू मेरी मैं तेरा, इश्क है बड़ा सुनहरा
SUNIL kumar
जिस्म से रूह को लेने,
जिस्म से रूह को लेने,
Pramila sultan
*मुख काला हो गया समूचा, मरण-पाश से लड़ने में (हिंदी गजल)*
*मुख काला हो गया समूचा, मरण-पाश से लड़ने में (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
मेरी ख़्वाहिश ने
मेरी ख़्वाहिश ने
Dr fauzia Naseem shad
प्रेम की तलाश में सिला नही मिला
प्रेम की तलाश में सिला नही मिला
Er. Sanjay Shrivastava
आईना
आईना
Dr Parveen Thakur
बृद्ध  हुआ मन आज अभी, पर यौवन का मधुमास न भूला।
बृद्ध हुआ मन आज अभी, पर यौवन का मधुमास न भूला।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
प्रेम - एक लेख
प्रेम - एक लेख
बदनाम बनारसी
जिसने अस्मत बेचकर किस्मत बनाई हो,
जिसने अस्मत बेचकर किस्मत बनाई हो,
Sanjay ' शून्य'
कठपुतली का खेल
कठपुतली का खेल
Satish Srijan
नर नारी संवाद
नर नारी संवाद
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...