Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jan 2024 · 1 min read

*अदृश्य पंख बादल के* (10 of 25 )

अदृश्य पंख बादल के

अदृश्यता की देह में
धुंध की आत्मा लिए
एक अनिश्चित …
क्षण भंगुर जीवन लिए
धुएँ और धुंध की
प्रजाती का एक बादल
नाजुक – कमजोर – बेमाने सा
नन्हा मासूम दिखने वाला
विराट आसमान के शिशु सा
खेलता आकाश में पर ,
जब आ जाता है बरसने पर
नदी – तालाब – दरिया भी
पड़ जाते हैं छोटे …..
और उसके रूठने पर
दरकने लगती है धरती ,
नापता दसों दिशाएं
भारी बाढ़ की क्षमता लिए ,
जीवन और विध्वंस लिए ,
अदृश्य पंखों के साथ
फिर – फिर जन्मता ….
फिर – फिर मिटता ….
– क्षमा ऊर्मिला

Language: Hindi
2 Likes · 103 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Kshma Urmila
View all
You may also like:
मुस्कुराना चाहते हो
मुस्कुराना चाहते हो
surenderpal vaidya
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जीवन के गीत
जीवन के गीत
Harish Chandra Pande
वापस लौट आते हैं मेरे कदम
वापस लौट आते हैं मेरे कदम
gurudeenverma198
मौहब्बत में किसी के गुलाब का इंतजार मत करना।
मौहब्बत में किसी के गुलाब का इंतजार मत करना।
Phool gufran
ना प्रेम मिल सका ना दोस्ती मुकम्मल हुई...
ना प्रेम मिल सका ना दोस्ती मुकम्मल हुई...
Keshav kishor Kumar
बात तो बहुत कुछ कहा इस जुबान ने।
बात तो बहुत कुछ कहा इस जुबान ने।
Rj Anand Prajapati
डॉ अरुण कुमार शास्त्री -
डॉ अरुण कुमार शास्त्री -
DR ARUN KUMAR SHASTRI
23/39.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/39.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
आश्रित.......
आश्रित.......
Naushaba Suriya
चौथापन
चौथापन
Sanjay ' शून्य'
कहीं फूलों के किस्से हैं कहीं काँटों के किस्से हैं
कहीं फूलों के किस्से हैं कहीं काँटों के किस्से हैं
Mahendra Narayan
Colours of life!
Colours of life!
Sridevi Sridhar
जनता के हिस्से सिर्फ हलाहल
जनता के हिस्से सिर्फ हलाहल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
*हर साल नए पत्ते आते, रहता पेड़ पुराना (गीत)*
*हर साल नए पत्ते आते, रहता पेड़ पुराना (गीत)*
Ravi Prakash
शीर्षक - संगीत
शीर्षक - संगीत
Neeraj Agarwal
महिला दिवस
महिला दिवस
Dr.Pratibha Prakash
प्रीत तुझसे एैसी जुड़ी कि
प्रीत तुझसे एैसी जुड़ी कि
Seema gupta,Alwar
गुमनाम राही
गुमनाम राही
AMRESH KUMAR VERMA
कैसी हसरतें हैं तुम्हारी जरा देखो तो सही
कैसी हसरतें हैं तुम्हारी जरा देखो तो सही
VINOD CHAUHAN
मुझसा फ़कीर कोई ना हुआ,
मुझसा फ़कीर कोई ना हुआ,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
When you think it's worst
When you think it's worst
Ankita Patel
मुझे तुम
मुझे तुम
Dr fauzia Naseem shad
दोहा -
दोहा -
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
Image at Hajipur
Image at Hajipur
Hajipur
रंगोली
रंगोली
Neelam Sharma
■ और क्या चाहिए...?
■ और क्या चाहिए...?
*Author प्रणय प्रभात*
बाहर से खिलखिला कर हंसता हुआ
बाहर से खिलखिला कर हंसता हुआ
Ranjeet kumar patre
प्रकृति
प्रकृति
Mangilal 713
नारी सौन्दर्य ने
नारी सौन्दर्य ने
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...