Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Apr 2024 · 1 min read

“अजीब रवायतें”

“अजीब रवायतें”
नीचे गिर के देखो
कोई नहीं आएंगे उठाने,
ऊपर उड़ के देखो
सब आ जाएंगे गिराने।

2 Likes · 1 Comment · 82 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
चंद्रयान ३
चंद्रयान ३
प्रदीप कुमार गुप्ता
राखी धागों का त्यौहार
राखी धागों का त्यौहार
Mukesh Kumar Sonkar
गिरने से जो डरते नहीं.. और उठकर जो बहकते नहीं। वो ही..
गिरने से जो डरते नहीं.. और उठकर जो बहकते नहीं। वो ही.. "जीवन
पूर्वार्थ
भाव में,भाषा में थोड़ा सा चयन कर लें
भाव में,भाषा में थोड़ा सा चयन कर लें
Shweta Soni
*सत्पथ पर सबको चलने की, दिशा बतातीं अम्मा जी🍃🍃🍃 (श्रीमती उषा
*सत्पथ पर सबको चलने की, दिशा बतातीं अम्मा जी🍃🍃🍃 (श्रीमती उषा
Ravi Prakash
मुक्तक
मुक्तक
डॉक्टर रागिनी
प्रकृति पर कविता
प्रकृति पर कविता
कवि अनिल कुमार पँचोली
मन है एक बादल सा मित्र हैं हवाऐं
मन है एक बादल सा मित्र हैं हवाऐं
Bhargav Jha
उफ़ ये कैसा असर दिल पे सरकार का
उफ़ ये कैसा असर दिल पे सरकार का
Jyoti Shrivastava(ज्योटी श्रीवास्तव)
गुरु कृपा
गुरु कृपा
Satish Srijan
कभी महफ़िल कभी तन्हा कभी खुशियाँ कभी गम।
कभी महफ़िल कभी तन्हा कभी खुशियाँ कभी गम।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
हादसे
हादसे
Shyam Sundar Subramanian
पिता
पिता
Neeraj Agarwal
जिंदगी मैं हूं, मुझ पर यकीं मत करो
जिंदगी मैं हूं, मुझ पर यकीं मत करो
Shiva Awasthi
दशरथ मांझी होती हैं चीटियाँ
दशरथ मांझी होती हैं चीटियाँ
Dr MusafiR BaithA
इक शाम दे दो. . . .
इक शाम दे दो. . . .
sushil sarna
3212.*पूर्णिका*
3212.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Alahda tu bhi nhi mujhse,
Alahda tu bhi nhi mujhse,
Sakshi Tripathi
HAPPY CHILDREN'S DAY!!
HAPPY CHILDREN'S DAY!!
Srishty Bansal
आसान कहां होती है
आसान कहां होती है
Dr fauzia Naseem shad
If you have believe in you and faith in the divine power .yo
If you have believe in you and faith in the divine power .yo
Nupur Pathak
मूर्ख बनाने की ओर ।
मूर्ख बनाने की ओर ।
Buddha Prakash
"दो मीठे बोल"
Dr. Kishan tandon kranti
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
Vishal babu (vishu)
■ आ चुका है वक़्त।
■ आ चुका है वक़्त।
*प्रणय प्रभात*
কেণো তুমি অবহেলনা করো
কেণো তুমি অবহেলনা করো
DrLakshman Jha Parimal
माना मैं उसके घर नहीं जाता,
माना मैं उसके घर नहीं जाता,
डी. के. निवातिया
विषय सूची
विषय सूची
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
मान तुम प्रतिमान तुम
मान तुम प्रतिमान तुम
Suryakant Dwivedi
वे सोचते हैं कि मार कर उनको
वे सोचते हैं कि मार कर उनको
VINOD CHAUHAN
Loading...