बाल कविता

पौष्टिक भोजन
=============
बाजारों की चाट पकौड़ी,
कभी ना बच्चों खाओ।
खाकर पालक मूली गाजर,
तन मन स्वस्थ बनाओ।।
चाऊमीन और पिज़्ज़ा बर्गर,
कभी ना बच्चों खाना।
मन करता हो इन सबका तो,
घर पर मम्मी से बनवाना।।
दूध दही गुड़ चावल सब्जी,
साग चपाती खाओ।
यही पौष्टिक भोजन होता,
इसका लाभ उठाओ।।
फल खाने वाले बच्चों को,
कभी ना रोग सताता।
हरी सब्जियाॅं जो भी खाते,
चश्मा उन्हें न आता।।
~राजकुमार पाल (राज)