Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Mar 2025 · 1 min read

ग़ज़ल

ग़ज़ल
इक मुलाकात का ही इशारा मिले।
ख़ूबसूरत तसव्वुर का तारा मिले।
कुछ भी मुश्किल नहीं आरज़ू है अगर,
गर सहारा हमें जब तुम्हारा मिले।
लौट कर आएगी हर खुशी भी यहीं,
जिंदगी का कोई भी नजारा मिले।
रस्में उल्फत निभाना अगर आ गया,
आरजू को नया फिर सितारा मिले।
कल्ब में आके यूं ही जो तुम आ बसे,
इश्क में फिर नया कुछ ख़सारा मिले।
तुम मिलो हमको है ही नही आरजू,
जुस्तजू है यही इक किनारा मिले।
मोतबर है बहुत सोना ये ज़िन्दगी,
संग तेरे हमें ये दुबारा मिले।
शगुफ्ता रहमान ‘सोना’
ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड

Language: Hindi
24 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

मुक्तक
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
3379⚘ *पूर्णिका* ⚘
3379⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
🙅न्यूज़ ऑफ द वीक🙅
🙅न्यूज़ ऑफ द वीक🙅
*प्रणय प्रभात*
तन्हा....
तन्हा....
sushil sarna
तोहफे में बंदूक
तोहफे में बंदूक
अरशद रसूल बदायूंनी
जीवन
जीवन
Neeraj Kumar Agarwal
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
Rashmi Sanjay
मुक्कमल कहां हुआ तेरा अफसाना
मुक्कमल कहां हुआ तेरा अफसाना
Seema gupta,Alwar
सनातन चिंतन
सनातन चिंतन
Arun Prasad
खुद को झोंक दे उस समंदर में कुछ बात बन जाए,
खुद को झोंक दे उस समंदर में कुछ बात बन जाए,
Anamika Tiwari 'annpurna '
नज़र को नज़रिए की तलाश होती है,
नज़र को नज़रिए की तलाश होती है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
द्वंद्व हो
द्वंद्व हो
RAMESH Kumar
दिखता नहीं है कुछ भी
दिखता नहीं है कुछ भी
Dr fauzia Naseem shad
शराफ़त न ढूंढो़ इस जमाने में
शराफ़त न ढूंढो़ इस जमाने में
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
"याद के काबिल"
Dr. Kishan tandon kranti
हुए इकट्ठे काग फिर, लगे बोलने काँव
हुए इकट्ठे काग फिर, लगे बोलने काँव
RAMESH SHARMA
शेर हर फील्ड में शेर होता है
शेर हर फील्ड में शेर होता है
Shivam Rajput
नूतन वर्षाभिनन्दन 2025
नूतन वर्षाभिनन्दन 2025
Tarun Singh Pawar
अपनी हार का इंतजार मत करों,
अपनी हार का इंतजार मत करों,
Vivek Kumar Yadav
प्यारा सा स्कूल
प्यारा सा स्कूल
Santosh kumar Miri
शराबियो और जुआरीओ को हर समय रुपए की तलब लगी रहती है उनके अंद
शराबियो और जुआरीओ को हर समय रुपए की तलब लगी रहती है उनके अंद
Rj Anand Prajapati
क्या खोकर ग़म मनाऊ, किसे पाकर नाज़ करूँ मैं,
क्या खोकर ग़म मनाऊ, किसे पाकर नाज़ करूँ मैं,
Chandrakant Sahu
जस जालोर रो
जस जालोर रो
जितेन्द्र गहलोत धुम्बड़िया
विषय-जिंदगी।
विषय-जिंदगी।
Priya princess panwar
हिन्दीग़ज़ल में कितनी ग़ज़ल? -रमेशराज
हिन्दीग़ज़ल में कितनी ग़ज़ल? -रमेशराज
कवि रमेशराज
"प्रीत-बावरी"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
ये क्या नज़ारा मैंने दिनभर देखा?
ये क्या नज़ारा मैंने दिनभर देखा?
Jyoti Roshni
दशरथ ने पहाड़ तोड़ा.. सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ तोड़ रहे धर्म का बंधन
दशरथ ने पहाड़ तोड़ा.. सौहार्द शिरोमणि संत सौरभ तोड़ रहे धर्म का बंधन
The World News
मुझे कुछ देर सोने दो
मुझे कुछ देर सोने दो
हिमांशु Kulshrestha
प्रेम के दो  वचन बोल दो बोल दो
प्रेम के दो वचन बोल दो बोल दो
Dr Archana Gupta
Loading...