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25 Jan 2025 · 1 min read

दिल को रह रह के ये अंदेशे डराने लग जाएं

दिल को रह रह के ये अंदेशे डराने लग जाएं
वापसी मे मुमकिन है उसे ज़माने लग जाएं।
तुम मेरे शहर में आए तो मुझे ऐसा लगा
तही दामनों के हाथ ज्यूँ ख़जाने लग जाएं।

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