बनाओ न बहाने, बहाने बनाने से क्या मिलेगा ?
दुनिया भर के पैतरे आजमाने से क्या मिलेगा ?
बनाओ न बहाने, बहाने बनाने से क्या मिलेगा ?
न करो काम कोई ऐसा जिससे तेरा ज़मीर शर्मिंदा हो ,
नाम करो ऐसा युगों तक तेरा वज़ूद जिंदा हो ।
करो तो समय का सदुपयोग, समय को व्यर्थ गँवाने से क्या मिलेगा ?
बनाओ न बहाने बहाने बनाने से क्या मिलेगा ?
छोड़ो वो बातें जो तुमसे हो सकता था ।
अभी तुम बताओ, तुझसे क्या हो सकता है ?
बीत गई जो बातें उन्हें बताने से क्या मिलेगा ?
बनाओ न बहाने, बहाने बनाने से क्या मिलेगा ?
न कहो तुम मैं बेचारा हूँ परिस्थितियों का मारा हूँ ,
नहीं कर सकता कुछ निकम्मा हूँ आवारा हूँ ।
ऐसे घड़ियाली आँसू बहाने से क्या मिलेगा ?
बनाओ न बहाने, बहाने बनाने से क्या मिलेगा ?
जीतना है जो, जंग इस जग का, जगमगाते रहो टिमटिमाते रहो ।
ढँक जाए कुहरा घनेरा ,तो फिर भी रोशनी तुम अपनी बिखराते रहो ।
दिखाओं अपनी प्रतिभा, प्रतिभा छिपाने से क्या मिलेगा ?
न बनाओ बहाने ,बहाने बनाने से क्या मिलेगा ?
दूर नहीं है मंजिल जितना तुम समझते हो ।
चढ़ते रहो सीढ़ी पर निरंतर, क्यूँ चढ़ते और उतरते हो ?
घबराते हो बेवजह क्यूँ घबराने से क्या मिलेगा ?
बनाओ न बहाने बहाने बनाने से क्या मिलेगा ?
लिखेश्वर साहू , शिक्षक
9669874209