जै जै जै गण पति गण नायक शुभ कर्मों के देव विनायक जै जै जै गण
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
कविता जीवन का उत्सव है
Anamika Tiwari 'annpurna '
हरि कथन
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
हुआ सबेरा प्राची है मुस्काई
बिकने को आओ तो खरीदार नहीं मिलता
तड़पने के लिए हर पल भले मजबूर करता है
कभी उन बहनों को ना सताना जिनके माँ पिता साथ छोड़ गये हो।
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
जो लगती है इसमें वो लागत नहीं है।
ताउम्र जलता रहा मैं तिरे वफ़ाओं के चराग़ में,
"YOU ARE GOOD" से शुरू हुई मोहब्बत "YOU
किसी के प्रति बहुल प्रेम भी
*रिश्तों में दरारें*
Krishna Manshi (Manju Lata Mersa)
सागर मचले पूर्णिमा , चाँद निहार चकोर ।
जलाना आग में ना ही मुझे मिट्टी में दफनाना
रेल की यात्रा, मध्यम वर्ग की कहानी,
कली से खिल कर जब गुलाब हुआ