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24 Sep 2024 · 1 min read

कटे पेड़ को देखने,

कटे पेड़ को देखने,
हुई इकट्ठी भीड़ ।
देख विहग रोने लगा,
अपना उजड़ा नीड़ ।।

सुशील सरना / 24-9-24

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