Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 May 2024 · 1 min read

नवल वर्ष का नवल हर्ष के साथ करें हम अभिनंदन

नवल वर्ष का नवल हर्ष के साथ करें हम अभिनंदन
विगत वर्ष को अश्रुपूरित हाथ जोड़ सादर वंदन

नीलगगन से नवल लालिमा बिखराता आया दिनकर
मंद चल रही वायु छेड़े सरगम नाच रहे मधुकर

नन्ही नन्ही कलियों ने खोलीं आँखें गुलशन गुलशन

बालक और युवाओं में नये जोश उमंग झलकते हैं
वृद्घ तक रहे बीते सावन जो यादों में बरसते हैं

क्या खोया क्या पाया अब तक मनीषी आज करें चिंतन

झड़ी लगी शुभ आशीशों की चारों ओर दुआएँ हैं
नए साल के साथ हृदय में नए मनोभव आए हैं

उत्सव की तैयारी जग को सज़ा रही जैसे दुल्हन

आशाओं के फूल खिलाता नया वर्ष यूँ आया है
उम्मीदों का सावन बनकर नीलगगन पर छाया है

बन मयूर मन नाचे जैसे सारी धरती हो मधुबन

कंचन

Language: Hindi
110 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Kanchan Gupta
View all

You may also like these posts

जिन्दगी
जिन्दगी
लक्ष्मी सिंह
अच्छा बोलने से अगर अच्छा होता,
अच्छा बोलने से अगर अच्छा होता,
Manoj Mahato
आज भी इंतज़ार है उसका,
आज भी इंतज़ार है उसका,
Dr fauzia Naseem shad
भक्ति एक रूप अनेक
भक्ति एक रूप अनेक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
* सागर किनारे *
* सागर किनारे *
भूरचन्द जयपाल
घर-घर तिरंगा
घर-घर तिरंगा
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
किसी की बेवफाई ने,
किसी की बेवफाई ने,
श्याम सांवरा
सैल्यूट है थॉमस तुझे
सैल्यूट है थॉमस तुझे
Dr. Kishan tandon kranti
विनती
विनती
Chitra Bisht
अधूरा नहीं
अधूरा नहीं
Rambali Mishra
कोई रात को रोशन कर दे.....,
कोई रात को रोशन कर दे.....,
दीपक बवेजा सरल
मुक्तक... छंद हंसगति
मुक्तक... छंद हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
नये साल के नये हिसाब
नये साल के नये हिसाब
Preeti Sharma Aseem
चाहे जितने दीजिए, ताने मुझे हुजूर
चाहे जितने दीजिए, ताने मुझे हुजूर
RAMESH SHARMA
हर जरूरी काम ढंग से होने चाहिए...
हर जरूरी काम ढंग से होने चाहिए...
Ajit Kumar "Karn"
जब तक मचा हो अन्दर कशमकश
जब तक मचा हो अन्दर कशमकश
Paras Nath Jha
''नवाबी
''नवाबी" बुरी नहीं। बशर्ते अपने बलबूते "पुरुषार्थ" के साथ की
*प्रणय प्रभात*
*भारतीय शेरनी  विनेश  फ़ौगाट*
*भारतीय शेरनी विनेश फ़ौगाट*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
कोरोना के प्रति जागरुकता
कोरोना के प्रति जागरुकता
Kaushlendra Singh Lodhi Kaushal (कौशलेंद्र सिंह)
बस पल रहे है, परवरिश कहाँ है?
बस पल रहे है, परवरिश कहाँ है?
पूर्वार्थ
कहने को बाकी क्या रह गया
कहने को बाकी क्या रह गया
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
3830.💐 *पूर्णिका* 💐
3830.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
ನನ್ನಮ್ಮ
ನನ್ನಮ್ಮ
ಗೀಚಕಿ
वीना वाणी ज्ञान की माता,
वीना वाणी ज्ञान की माता,
sonu rajput
खटाखट नोट छापो तुम
खटाखट नोट छापो तुम
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
*आया फिर से देश में, नूतन आम चुनाव (कुंडलिया)*
*आया फिर से देश में, नूतन आम चुनाव (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
काम चले ना
काम चले ना
ललकार भारद्वाज
वादा निभाना
वादा निभाना
surenderpal vaidya
फिल्म
फिल्म
विशाल शुक्ल
चाहे हो शह मात परिंदे..!
चाहे हो शह मात परिंदे..!
पंकज परिंदा
Loading...