Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 May 2024 · 1 min read

कमाल लोग होते हैं वो

कमाल लोग होते हैं वो
जो हमारी आवाज से ही,
उदासी और ख़ुशी का
अंदाज़ा लगा लेते हैं
©️ डॉ. शशांक शर्मा “रईस”

145 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

हे सूरज देवा
हे सूरज देवा
Pratibha Pandey
नए सफर पर चलते है।
नए सफर पर चलते है।
Taj Mohammad
A last warning
A last warning
Bindesh kumar jha
महज़ एक गुफ़्तगू से.,
महज़ एक गुफ़्तगू से.,
Shubham Pandey (S P)
3740.💐 *पूर्णिका* 💐
3740.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
दोहे - डी के निवातिया
दोहे - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरा नजरिया
मेरा नजरिया
Chitra Bisht
सोच  का   अपनी   विस्तार   करिए
सोच का अपनी विस्तार करिए
Dr fauzia Naseem shad
खुलकर जी लो जिंदगी एक बार मिली है प्यारे..
खुलकर जी लो जिंदगी एक बार मिली है प्यारे..
pratibha Dwivedi urf muskan Sagar Madhya Pradesh
श्री चरणों की धूल
श्री चरणों की धूल
Dr.Pratibha Prakash
*राधेश्याम कथावाचक की कृष्णायन (कुंडलिया)*
*राधेश्याम कथावाचक की कृष्णायन (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
..
..
*प्रणय प्रभात*
हास्य कुंडलिया
हास्य कुंडलिया
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
"गौरतलब"
Dr. Kishan tandon kranti
गीत भी तुम साज़ भी तुम
गीत भी तुम साज़ भी तुम
सुशील भारती
माता अनुसूया
माता अनुसूया
मनोज कर्ण
दिल में मेरे
दिल में मेरे
हिमांशु Kulshrestha
चोखा आप बघार
चोखा आप बघार
RAMESH SHARMA
"मन" भर मन पर बोझ
Atul "Krishn"
कहते हैं, वह खूब लड़ी मर्दानी जो थी झांसी वाली रानी,
कहते हैं, वह खूब लड़ी मर्दानी जो थी झांसी वाली रानी,
Sakshi Singh
वक्त ये बदलेगा फिर से प्यारा होगा भारत ,
वक्त ये बदलेगा फिर से प्यारा होगा भारत ,
Neelofar Khan
दोहा त्रयी. . . . .
दोहा त्रयी. . . . .
sushil sarna
है बाकी मिलना लक्ष्य अभी तो नींद तुम्हे फिर आई क्यों ? दो कद
है बाकी मिलना लक्ष्य अभी तो नींद तुम्हे फिर आई क्यों ? दो कद
पूर्वार्थ देव
तुम हमारा हो ख़्वाब लिख देंगे
तुम हमारा हो ख़्वाब लिख देंगे
Dr Archana Gupta
सोया भाग्य जगाएं
सोया भाग्य जगाएं
महेश चन्द्र त्रिपाठी
*भ्रष्टाचार*
*भ्रष्टाचार*
Dushyant Kumar
लाभ की इच्छा से ही लोभ का जन्म होता है।
लाभ की इच्छा से ही लोभ का जन्म होता है।
Rj Anand Prajapati
दौड़ पैसे की
दौड़ पैसे की
Sanjay ' शून्य'
मुक्तक
मुक्तक
Vandana Namdev
Loading...