Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 May 2024 · 1 min read

Window Seat

The window seat
Is a cozy nook,
In this little spot
Dreams take a hike.

With a book in hand
Or just to rest your feet,
In this little space,
Life feels sweet.

In the window seat
Everything feels right,
Where worries cease
And happiness greet.

A place to ponder
Or simply be,
In this cozy corner
Hearts are free.

Language: English
3 Likes · 2 Comments · 720 Views
Books from R. H. SRIDEVI
View all

You may also like these posts

"पुराने मित्र"
Rahul Singh
हम भी कहीं न कहीं यूं तन्हा मिले तुझे
हम भी कहीं न कहीं यूं तन्हा मिले तुझे
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
So True...
So True...
पूर्वार्थ
वो ओस की बूंदे और यादें
वो ओस की बूंदे और यादें
Neeraj Agarwal
सिक्के के दो पहलू
सिक्के के दो पहलू
Sudhir srivastava
राममय जगत
राममय जगत
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
..
..
*प्रणय*
गुस्सा सातवें आसमान पर था
गुस्सा सातवें आसमान पर था
सिद्धार्थ गोरखपुरी
चीखें अपने मौन की
चीखें अपने मौन की
Dr. Chandresh Kumar Chhatlani (डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी)
जिन्दगी की किताब में
जिन्दगी की किताब में
Mangilal 713
“ भाषा की मृदुलता ”
“ भाषा की मृदुलता ”
DrLakshman Jha Parimal
खुदा की हर बात सही
खुदा की हर बात सही
Harminder Kaur
पराधीन
पराधीन
उमा झा
शिवरात्रि
शिवरात्रि
Madhu Shah
श्रद्धाञ्जलि
श्रद्धाञ्जलि
Saraswati Bajpai
कचोट
कचोट
Dr.Archannaa Mishraa
बेशक मैं उसका और मेरा वो कर्जदार था
बेशक मैं उसका और मेरा वो कर्जदार था
हरवंश हृदय
4743.*पूर्णिका*
4743.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जग की तारणहारी
जग की तारणहारी
Vibha Jain
*जलने वाले जल रहे, जल-भुनकर हैं राख (कुंडलिया)*
*जलने वाले जल रहे, जल-भुनकर हैं राख (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दरख़्त
दरख़्त
Dr. Kishan tandon kranti
दिन आज आखिरी है, खत्म होते साल में
दिन आज आखिरी है, खत्म होते साल में
gurudeenverma198
चलो आज खुद को आजमाते हैं
चलो आज खुद को आजमाते हैं
डॉ. दीपक बवेजा
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
प्रश्न ......
प्रश्न ......
sushil sarna
*मुर्गा की बलि*
*मुर्गा की बलि*
Dushyant Kumar
पत्थर सी हो गयी
पत्थर सी हो गयी
हिमांशु Kulshrestha
"ज्ञ " से ज्ञानी हम बन जाते हैं
Ghanshyam Poddar
क्या खूब थी वो जिंदगी ,
क्या खूब थी वो जिंदगी ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
बहुमूल्य जीवन और युवा पीढ़ी
बहुमूल्य जीवन और युवा पीढ़ी
Gaurav Sony
Loading...