Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Apr 2024 · 1 min read

आजा मेरे दिल तू , मत जा मुझको छोड़कर

आजा मेरे दिल तू , मत जा मुझको छोड़कर।
दामन तू और का थामकर, मेरा दिल तू तोड़कर।।
आजा मेरे दिल तू —————————–।।

मेरा प्यार सच्चा है, मैं बेवफा नहीं।
माना है तुमको खुशी, तुमसे खफ़ा नहीं।।
मेरे चमन का फूल है तू , मत जा ऐसे छोड़कर।
आजा मेरे दिल तू ————————-।।

भूल गया कैसे तू , अपना वो मिलन।
साथ साथ बातें करना, अपनी वो लगन।।
मेरे जीवन का ख्वाब है तू ,मत जा मुँह मोड़कर।
आजा मेरे दिल तू ————————।।

मेरी मोहब्बत, तुमको जीने नहीं देगी।
याद मेरी आयेगी, तुमको सोने नहीं देगी।।
मत भूल मेरी वफ़ाएं तू , मत जा अकेला छोड़कर।
आजा मेरे दिल तू ————————-।।

शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
Tag: गीत
193 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

जीवन में कभी किसी को दोष मत दो क्योंकि हमारे जीवन में सभी की
जीवन में कभी किसी को दोष मत दो क्योंकि हमारे जीवन में सभी की
ललकार भारद्वाज
मन की कोई थाह नहीं
मन की कोई थाह नहीं
श्रीकृष्ण शुक्ल
जिंदगी और जीवन भी स्वतंत्र,
जिंदगी और जीवन भी स्वतंत्र,
Neeraj Kumar Agarwal
"अजनबी बन कर"
Lohit Tamta
मेरी जिंदगी सजा दे
मेरी जिंदगी सजा दे
Basant Bhagawan Roy
पिता
पिता
Shweta Soni
आख़िर तुमने रुला ही दिया!
आख़िर तुमने रुला ही दिया!
Ajit Kumar "Karn"
4400.*पूर्णिका*
4400.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कभी आ
कभी आ
हिमांशु Kulshrestha
बिंदियों की जगह
बिंदियों की जगह
Vivek Pandey
बचपन
बचपन
Ayushi Verma
*मेला (बाल कविता)*
*मेला (बाल कविता)*
Ravi Prakash
"अहमियत"
Dr. Kishan tandon kranti
घर के कोने में
घर के कोने में
Chitra Bisht
जितने भी मशहूर हो गए
जितने भी मशहूर हो गए
Manoj Mahato
तुम्हें पास अपने बुलाने का मन है
तुम्हें पास अपने बुलाने का मन है
अरशद रसूल बदायूंनी
कहानियां उनकी भी होती है, जो कभी सफल नहीं हुए हर बार मेहनत क
कहानियां उनकी भी होती है, जो कभी सफल नहीं हुए हर बार मेहनत क
पूर्वार्थ
गुजर रही थी उसके होठों से मुस्कुराहटें,
गुजर रही थी उसके होठों से मुस्कुराहटें,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
हमें लिखनी थी एक कविता
हमें लिखनी थी एक कविता
shabina. Naaz
" बहुत देर हो गई "
ज्योति
सत्य कभी निरभ्र नभ-सा
सत्य कभी निरभ्र नभ-सा
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
माँ
माँ
PRATIBHA ARYA (प्रतिभा आर्य )
व्यग्रता मित्र बनाने की जिस तरह निरंतर लोगों में  होती है पर
व्यग्रता मित्र बनाने की जिस तरह निरंतर लोगों में होती है पर
DrLakshman Jha Parimal
अन-मने सूखे झाड़ से दिन.
अन-मने सूखे झाड़ से दिन.
sushil yadav
बुंदेली मुकरियां
बुंदेली मुकरियां
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
।।
।।
*प्रणय प्रभात*
हिंदी
हिंदी
Dr.Archannaa Mishraa
समय के आ मुसीबत के...
समय के आ मुसीबत के...
आकाश महेशपुरी
मुक्तक
मुक्तक
डॉक्टर रागिनी
प्रेम है तो जता दो
प्रेम है तो जता दो
सोनम पुनीत दुबे "सौम्या"
Loading...