Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jan 2024 · 1 min read

21. Tale of An Eve

I am a baby- a baby in my babyhood.
Why in me do you see womanhood?
Let me grow up and identify myself.
Let the woman in me meet herself.

A daughter, a sister, a wife, a mother,
Sometimes I take the role of a father.
Preying on me you abuse all kinship
And make me go through all hardship.

When the life for Adam was solitary,
God created Eve as Adam’s only fairy.
The two words ‘wife’ and ‘man’ joined.
That’s how the word ‘woman’ is coined.

An Eve does make your life worth living.
Like you Adams, Eves are human being.
To all Eves here, respect must be given.
For Eves are a wonderful gift of heaven.

Language: English
Tag: Poem
231 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ahtesham Ahmad
View all

You may also like these posts

*आओ पौधा एक लगाऍं (बाल कविता)*
*आओ पौधा एक लगाऍं (बाल कविता)*
Ravi Prakash
साधक परिवर्तन का मार्ग खोज लेते हैं, लेकिन एक क्रोधी स्वभाव
साधक परिवर्तन का मार्ग खोज लेते हैं, लेकिन एक क्रोधी स्वभाव
Ravikesh Jha
पायल
पायल
Kumud Srivastava
मोहब्बत की राहों मे चलना सिखाये कोई।
मोहब्बत की राहों मे चलना सिखाये कोई।
Rajendra Kushwaha
నమో నమో నారసింహ
నమో నమో నారసింహ
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
जिस डाली पर बैठो हो,काट न बंधु डाल रे
जिस डाली पर बैठो हो,काट न बंधु डाल रे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सीख का बीज
सीख का बीज
Sangeeta Beniwal
अंधविश्वास से परे प्रकृति की उपासना का एक ऐसा महापर्व जहां ज
अंधविश्वास से परे प्रकृति की उपासना का एक ऐसा महापर्व जहां ज
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
4383.*पूर्णिका*
4383.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
अमृत
अमृत
Rambali Mishra
वो रात हसीं होगी……
वो रात हसीं होगी……
sushil sarna
*दीवाली मनाएंगे*
*दीवाली मनाएंगे*
Seema gupta,Alwar
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
रौनक़े  कम  नहीं  हैं  चाहत की
रौनक़े कम नहीं हैं चाहत की
Dr fauzia Naseem shad
रंगीला बचपन
रंगीला बचपन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
ॐ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
#हिंदी_ग़ज़ल
#हिंदी_ग़ज़ल
*प्रणय प्रभात*
I Have No Desire To Be Found Again.
I Have No Desire To Be Found Again.
Manisha Manjari
" ग़ज़ल "
Pushpraj Anant
चार दिन की जिंदगानी है यारों,
चार दिन की जिंदगानी है यारों,
Anamika Tiwari 'annpurna '
मैने वक्त को कहा
मैने वक्त को कहा
हिमांशु Kulshrestha
कैसा है यह पागलपन !!
कैसा है यह पागलपन !!
ओनिका सेतिया 'अनु '
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
"मुश्किलों से मन भर गया है मेरा ll
पूर्वार्थ
"जख्म"
Dr. Kishan tandon kranti
क्रांतिकारी, वीर, सेनानियो, कवियों का प्रांगण कहो।
क्रांतिकारी, वीर, सेनानियो, कवियों का प्रांगण कहो।
Rj Anand Prajapati
कैसे धाम अयोध्या आऊं
कैसे धाम अयोध्या आऊं
इंजी. संजय श्रीवास्तव
* खिल उठती चंपा *
* खिल उठती चंपा *
surenderpal vaidya
Loading...