Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jan 2024 · 1 min read

लोकसभा बसंती चोला,

लोकसभा बसंती चोला,
पहन के जिस दिन आएगी।
गली-गली मेरे भारत की,
वृंदावन बन जाएगी।

काशी, मथुरा और अयोध्या ने,
एक साथ ललकारा है।
कहो गर्व से हम हैं “हिंदू,”
हिंदुस्तान हमारा है l

~SPK Sachin Lodhi

1 Like · 1093 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

Try to find .....
Try to find .....
पूर्वार्थ
"क्या होगा?"
Dr. Kishan tandon kranti
चौपाई छंद गीत
चौपाई छंद गीत
seema sharma
तब घर याद आता है
तब घर याद आता है
दीपक बवेजा सरल
हैं दुनिया में बहुत से लोग इश्क़ करने के लिए,
हैं दुनिया में बहुत से लोग इश्क़ करने के लिए,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*फ़र्क़ समझिए आप भी। दो मिलते-जुलते शब्दों व उनके आधार में।*
*फ़र्क़ समझिए आप भी। दो मिलते-जुलते शब्दों व उनके आधार में।*
*प्रणय प्रभात*
दोहा पंचक. . . मानव
दोहा पंचक. . . मानव
sushil sarna
कंचन प्यार
कंचन प्यार
Rambali Mishra
*मनः संवाद----*
*मनः संवाद----*
रामनाथ साहू 'ननकी' (छ.ग.)
आप हम से ख़फ़ा नहीं होना।
आप हम से ख़फ़ा नहीं होना।
Dr fauzia Naseem shad
व्यावहारिक सत्य
व्यावहारिक सत्य
Shyam Sundar Subramanian
मध्यम परिवार....एक कलंक ।
मध्यम परिवार....एक कलंक ।
Vivek Sharma Visha
सोचता हूँ कभी कभी
सोचता हूँ कभी कभी
हिमांशु Kulshrestha
जगतजननी माँ दुर्गा
जगतजननी माँ दुर्गा
gurudeenverma198
ग़ज़ल _ याद आता है कभी वो, मुस्कुराना दोस्तों ,
ग़ज़ल _ याद आता है कभी वो, मुस्कुराना दोस्तों ,
Neelofar Khan
एक भ्रम जाल है
एक भ्रम जाल है
Atul "Krishn"
ग़ज़ल- चाहे नज़रों से ही गिरा जाना
ग़ज़ल- चाहे नज़रों से ही गिरा जाना
आकाश महेशपुरी
हरे हैं ज़ख़्म सारे सब्र थोड़ा और कर ले दिल
हरे हैं ज़ख़्म सारे सब्र थोड़ा और कर ले दिल
Meenakshi Masoom
शेखर सिंह ✍️
शेखर सिंह ✍️
शेखर सिंह
ख्याल तुम्हारा आता है जब रात ये आधी लगती है*
ख्याल तुम्हारा आता है जब रात ये आधी लगती है*
डॉ कुलदीपसिंह सिसोदिया कुंदन
24/252. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/252. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
The Sky...
The Sky...
Divakriti
Mahakumbh
Mahakumbh
Mohan Pandey
वोट डालने जाएंगे
वोट डालने जाएंगे
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
कौन है?
कौन है?
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
*क्षीर सागर (बाल कविता)*
*क्षीर सागर (बाल कविता)*
Ravi Prakash
जुदाई की शाम
जुदाई की शाम
Shekhar Chandra Mitra
Love ❤
Love ❤
HEBA
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
लगाकर मुखौटा चेहरा खुद का छुपाए बैठे हैं
Gouri tiwari
नदियाँ
नदियाँ
Pushpa Tiwari
Loading...