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3 Mar 2023 · 1 min read

💐 Prodigy Love-29💐

Oh Dear!
What are we flippant?
No.Then,how you think about my journey.
Perhaps,you consider it as smooth as your cheek.
No, it is not Iike your cheek.
Even though, what are you thinking?
You Speak it,not so.but you are correct.
What!You have this potential.
Then, why have you hided your face?
Only,once time,let come with your face.
With your ideas and with your heart.
These,all are connected with us.
Nothing is single.
Single is nothing.
Let adopt this path.
Otherwise,you will see change.
You will feel change.
Oh Dear!
©® Abhishek Parashar “Aanand”

Language: Hindi
265 Views
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