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16 Feb 2017 · 1 min read

II…मैं आईने के सामने….II

पहले मैं था,जब, रब ने मिलाया आपसे l
आईना था सामने,मैं आईने के सामने ll

मैं हूं जाने कहां ,होश अब तक आया नहींl
मौत मन की हो गई ,जिंदगी मेरे सामने ll

संजय सिंह “सलिल”
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश l

Language: Hindi
Tag: शेर
1 Like · 1 Comment · 254 Views
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