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25 May 2024 · 1 min read

3506.🌷 *पूर्णिका* 🌷

3506.🌷 पूर्णिका 🌷

भावों का क्या बदल जाते हैं
22 22 212 22
भावों का क्या बदल जाते हैं ।
घावों का क्या बदल जाते हैं ।।
दुनिया का भी रंग कुछ देखें ।
दांवों का क्या बदल जाते हैं ।।
आता रोज नया सबेरा भी ।
ठावों का क्या बदल जाते हैं ।।
मंजिल मिलती बस इरादा रख ।
पांवों का क्या बदल जाते हैं ।।
दरिया करते पार हम खेदू।
नावों का क्या बदल जाते हैं ।।
……….✍ डॉ .खेदू भारती “सत्येश “
25-05-2024शनिवार

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