Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Oct 2022 · 1 min read

246. “हमराही मेरे”

हिन्दी काव्य-रचना संख्या: 246 .
शीर्षक: “हमराही मेरे”
(सोमवार, 17 दिसम्बर 2007)
—————————-

तुम संग चलो हमराही मेरे
अब मंजिल एक हमारी है।
जो डगर है तेरी
वो डगर है मेरी
अब डगर नहीं कोई न्यारी है।
अब मिलके चले हम
आगे बढें हम
रोके नहीं जमाना कोई।
नई लग्न
है चाह नई
नहीं पुराना बहाना कोई।।
अबके मौसम कोई भी आए
खिलनी हर बगिया – क्यारी है।
तुम संग चलो हमराही मेरे
अब मंजिल एक हमारी है ।।
सब भय शंका अब दूर करो
अब आऐंगे दिन सुहाने।
सब उलझन अब त्यागो तुम
संवारों सब आशियाने।।
धीर धरो कुछ सब्र करो
काहे की बेकरारी है।
तुम संग चलो हमराही मेरे
अब मंजिल एक हमारी है ।।

-सुनील सैनी “सीना”
राम नगर, रोहतक रोड़, जीन्द (हरियाणा)-126102.

1 Like · 429 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐अज्ञात के प्रति-153💐
💐अज्ञात के प्रति-153💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
वो ही तो यहाँ बदनाम प्यार को करते हैं
वो ही तो यहाँ बदनाम प्यार को करते हैं
gurudeenverma198
*अनगिन हुए देश में नेता, अलग मगर थे नेताजी (गीत)*
*अनगिन हुए देश में नेता, अलग मगर थे नेताजी (गीत)*
Ravi Prakash
कोई मिले जो  गले लगा ले
कोई मिले जो गले लगा ले
दुष्यन्त 'बाबा'
क्रिकेटफैन फैमिली
क्रिकेटफैन फैमिली
Dr. Pradeep Kumar Sharma
माँ मेरी जादूगर थी,
माँ मेरी जादूगर थी,
Shweta Soni
भ्रम
भ्रम
Shyam Sundar Subramanian
*चारों और मतलबी लोग है*
*चारों और मतलबी लोग है*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
स्मृति ओहिना हियमे-- विद्यानन्द सिंह
स्मृति ओहिना हियमे-- विद्यानन्द सिंह
श्रीहर्ष आचार्य
*जन्म या बचपन में दाई मां या दाया,या माता पिता की छत्र छाया
*जन्म या बचपन में दाई मां या दाया,या माता पिता की छत्र छाया
Shashi kala vyas
जिंदगी जीने के लिए जिंदा होना जरूरी है।
जिंदगी जीने के लिए जिंदा होना जरूरी है।
Aniruddh Pandey
याद रहे कि
याद रहे कि
*Author प्रणय प्रभात*
।।सावन म वैशाख नजर आवत हे।।
।।सावन म वैशाख नजर आवत हे।।
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कविता
कविता
Rambali Mishra
भगतसिंह का क़र्ज़
भगतसिंह का क़र्ज़
Shekhar Chandra Mitra
जिंदगी है कि जीने का सुरूर आया ही नहीं
जिंदगी है कि जीने का सुरूर आया ही नहीं
Deepak Baweja
किरणों का कोई रंग नहीं होता
किरणों का कोई रंग नहीं होता
Atul "Krishn"
2555.पूर्णिका
2555.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
Ignorance is the best way to hurt someone .
Ignorance is the best way to hurt someone .
Sakshi Tripathi
शिवा कहे,
शिवा कहे, "शिव" की वाणी, जन, दुनिया थर्राए।
SPK Sachin Lodhi
विश्व गुरु भारत का तिरंगा, विश्व पटल लहराएगा।
विश्व गुरु भारत का तिरंगा, विश्व पटल लहराएगा।
Neelam Sharma
एक प्रयास अपने लिए भी
एक प्रयास अपने लिए भी
Dr fauzia Naseem shad
"तुम्हारे रहने से"
Dr. Kishan tandon kranti
"इफ़्तिताह" ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
हम रंगों से सजे है
हम रंगों से सजे है
'अशांत' शेखर
सुबह का खास महत्व
सुबह का खास महत्व
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
अकेले आए हैं ,
अकेले आए हैं ,
Shutisha Rajput
बस इतनी सी अभिलाषा मेरी
बस इतनी सी अभिलाषा मेरी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
रमेशराज के चर्चित राष्ट्रीय बालगीत
रमेशराज के चर्चित राष्ट्रीय बालगीत
कवि रमेशराज
Loading...