Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2024 · 1 min read

11. एक उम्र

एक बूंद यादों का आज छलका फिर आँखों से मेरे,
बरसों का सफर दशकों का ग़म हल्का हुआ आँखों से मेरे I

एक उम्र गुज़ार दी थी तरसते हुए रोने के लिए,
ज़माने का साया चलता रहा उलझा आँसू कोने में लिए I

बाज़ारों से निकला झूठा चेहरा बेरंग मुस्कान ढकने के लिए,
झील किनारे सुनसान बाग में बैठा रहा बस सच के लिए |

याद उन्हे भी आती रही जो आ ना सके राहों के लिए,
वादे सारे बेबस हो गए मुट्ठी भर बातों के लिए ।

मेरा होना या ना होना ना मालूम होगा उन्हे भी शायद,
एक उम्र गुज़ारी है हमने बस अब होने के लिए।।

~राजीव दुत्ता ‘घुमंतू’

Language: Hindi
56 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बस माटी के लिए
बस माटी के लिए
Pratibha Pandey
Quote - If we ignore others means we ignore society. This way we ign
Quote - If we ignore others means we ignore society. This way we ign
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
निश्छल प्रेम
निश्छल प्रेम
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
#लघुकथा
#लघुकथा
*Author प्रणय प्रभात*
प्रेम विवाह करने वालों को सलाह
प्रेम विवाह करने वालों को सलाह
Satish Srijan
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
Neeraj Agarwal
जब वक्त ने साथ छोड़ दिया...
जब वक्त ने साथ छोड़ दिया...
Ashish shukla
पढ़ता  भारतवर्ष  है, गीता,  वेद,  पुराण
पढ़ता भारतवर्ष है, गीता, वेद, पुराण
Anil Mishra Prahari
कविता -
कविता - "सर्दी की रातें"
Anand Sharma
"गौरतलब"
Dr. Kishan tandon kranti
अधूरी
अधूरी
Naushaba Suriya
विगुल क्रांति का फूँककर, टूटे बनकर गाज़ ।
विगुल क्रांति का फूँककर, टूटे बनकर गाज़ ।
जगदीश शर्मा सहज
জীবন নামক প্রশ্নের বই পড়ে সকল পাতার উত্তর পেয়েছি, কেবল তোমা
জীবন নামক প্রশ্নের বই পড়ে সকল পাতার উত্তর পেয়েছি, কেবল তোমা
Sakhawat Jisan
*सुबह हुई तो गए काम पर, जब लौटे तो रात थी (गीत)*
*सुबह हुई तो गए काम पर, जब लौटे तो रात थी (गीत)*
Ravi Prakash
थोड़ी दुश्वारियां ही भली, या रब मेरे,
थोड़ी दुश्वारियां ही भली, या रब मेरे,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
"ईद-मिलन" हास्य रचना
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
माँ की दुआ इस जगत में सबसे बड़ी शक्ति है।
माँ की दुआ इस जगत में सबसे बड़ी शक्ति है।
लक्ष्मी सिंह
Lines of day
Lines of day
Sampada
काल के काल से - रक्षक हों महाकाल
काल के काल से - रक्षक हों महाकाल
Atul "Krishn"
2491.पूर्णिका
2491.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
यूनिवर्सिटी नहीं केवल वहां का माहौल बड़ा है।
यूनिवर्सिटी नहीं केवल वहां का माहौल बड़ा है।
Rj Anand Prajapati
यह कैसी खामोशी है
यह कैसी खामोशी है
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
बावरी
बावरी
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
हमें प्यार और घृणा, दोनों ही असरदार तरीके से करना आना चाहिए!
हमें प्यार और घृणा, दोनों ही असरदार तरीके से करना आना चाहिए!
Dr MusafiR BaithA
कभी यदि मिलना हुआ फिर से
कभी यदि मिलना हुआ फिर से
Dr Manju Saini
" कू कू "
Dr Meenu Poonia
एक दिवस में
एक दिवस में
Shweta Soni
नेपालीको गर्व(Pride of Nepal)
नेपालीको गर्व(Pride of Nepal)
Sidhartha Mishra
🌸 सभ्य समाज🌸
🌸 सभ्य समाज🌸
पूर्वार्थ
सत्य बोलना,
सत्य बोलना,
Buddha Prakash
Loading...