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16 Aug 2023 · 1 min read

Tum khas ho itne yar ye khabar nhi thi,

Tum khas ho itne yar ye khabar nhi thi,
Ki tum jate jate aakho ka samandar
Ban jaoge khabar nhi thi.
Jo khuch yade diye h tumne mujhe,
Tohfe me,
Uske guldaste bna kar saja lungi khud mai,
Ye khabar nhi thi.

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