Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 May 2020 · 1 min read

मुझको कुर्सी तक पहुंचा दे

सुन रे ललुआ सुन रे कलुआ
अपनी सारी जुगत बैठा दे
मुझको कुर्सी तक पहुंचा दे
अब की बाजी निकल ना जाए
एक बार सरकार बना दे
सारे हथकंडे अपना ले
गुंडे मुस्तंडे बुलवाले
चाहे जो करना पड़ जाए
चल ऐसा माहौल बना दे
वर्षों से मैं तड़प रहा हूं
सत्ता सुंदरी से मिलबादे
जोड़-तोड़ का गणित बिठा दे
चोर ढोर सब दल मिलवा दे
नया मोर्चा एक बना दे
धन्ना सेठों से चंदा ले
नंबर दो का धन लगवा दे
हो जाएं मदहोश सभी दारू की नदियां वहवादे
अबकी बाजी निकल ना जाए
अपनी सारी जुगत बिठा दे
हिंदू मुस्लिम राइड करा दे
अगड़े पिछड़ों को लड़वादे
आपस में ऐसा भड़का दे
जात-पात और ऊंच-नीच का
ऐसा गहरा भेद बढ़ा दे
देश की मिलकर कोई न सोचें
जनता में अलगाव करा दे
बोली भाषा और अंचल के
मुद्दे फिर से गरमा दे
जलवा दे कुछ झौपडपटी
महल अटारी जलबादे
बलबा करबादे बिना बात
कुछ मुद्दे नए बना दे
मुलला से फतबा दिलबा दे
संत पुजारी भड़का दे
बच न पाए कोई तबका
सबको आपस में बटबा दे
कट जाएं सब बोट बिपक्षी
मेरी झोली में डलबा दे
कोई भी मिलकर एक न होवे
गर्म हवा ऐसी फैला दें
फिरको में बट जाएं सभी
ऐसी भीषण आग लगा दे
बस मुझको कुर्सी तक पहुंचा दे
सुन रे ललुआ सुन रे कलुआ
अपनी सारी जुगत बैठा दे
बस एक बार सरकार बना दे

Language: Hindi
10 Likes · 6 Comments · 271 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from सुरेश कुमार चतुर्वेदी
View all
You may also like:
"प्रीत-बावरी"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
तेरे गम का सफर
तेरे गम का सफर
Rajeev Dutta
शब्द
शब्द
लक्ष्मी सिंह
हमने देखा है हिमालय को टूटते
हमने देखा है हिमालय को टूटते
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ବାତ୍ୟା ସ୍ଥିତି
ବାତ୍ୟା ସ୍ଥିତି
Otteri Selvakumar
"ज़हन के पास हो कर भी जो दिल से दूर होते हैं।
*Author प्रणय प्रभात*
टमाटर का जलवा ( हास्य -रचना )
टमाटर का जलवा ( हास्य -रचना )
Dr. Harvinder Singh Bakshi
"अवसाद"
Dr. Kishan tandon kranti
"हास्य व्यंग्य"
Radhakishan R. Mundhra
सोशल मीडिया पर दूसरे के लिए लड़ने वाले एक बार ज़रूर पढ़े…
सोशल मीडिया पर दूसरे के लिए लड़ने वाले एक बार ज़रूर पढ़े…
Anand Kumar
नैनों के अभिसार ने,
नैनों के अभिसार ने,
sushil sarna
"तरक्कियों की दौड़ में उसी का जोर चल गया,
शेखर सिंह
" फेसबूक फ़्रेंड्स "
DrLakshman Jha Parimal
विज्ञान का चमत्कार देखो,विज्ञान का चमत्कार देखो,
विज्ञान का चमत्कार देखो,विज्ञान का चमत्कार देखो,
पूर्वार्थ
अपनी-अपनी विवशता
अपनी-अपनी विवशता
Dr. Pradeep Kumar Sharma
सपन सुनहरे आँज कर, दे नयनों को चैन ।
सपन सुनहरे आँज कर, दे नयनों को चैन ।
डॉ.सीमा अग्रवाल
*बिटिया रानी पढ़ने जाती {बाल कविता}* ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
*बिटिया रानी पढ़ने जाती {बाल कविता}* ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
Ravi Prakash
सोच की अय्याशीया
सोच की अय्याशीया
Sandeep Pande
घाव मरहम से छिपाए जाते है,
घाव मरहम से छिपाए जाते है,
Vindhya Prakash Mishra
प्यार आपस में दिलों में भी अगर बसता है
प्यार आपस में दिलों में भी अगर बसता है
Anis Shah
दुःख इस बात का नहीं के तुमने बुलाया नहीं........
दुःख इस बात का नहीं के तुमने बुलाया नहीं........
shabina. Naaz
एक बार हीं
एक बार हीं
Shweta Soni
जेठ का महीना
जेठ का महीना
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
टूटने का मर्म
टूटने का मर्म
Surinder blackpen
सूर्यदेव
सूर्यदेव
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
Red Hot Line
Red Hot Line
Poonam Matia
यह कौन सी तहजीब है, है कौन सी अदा
यह कौन सी तहजीब है, है कौन सी अदा
VINOD CHAUHAN
पथ नहीं होता सरल
पथ नहीं होता सरल
surenderpal vaidya
2599.पूर्णिका
2599.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
मुझे पता है।
मुझे पता है।
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
Loading...