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11 Aug 2019 · 1 min read

मुक्तक

किसी के हिस्से महल आया किसी के हिस्से आई झोपड़ी
मुझे फुटपाथ मिला जागीर समझ मार दी हमने चौकड़ी ।
…सिद्धार्थ
२.
गिद्धों ने पर फैलाए हैं
जन्नत को अब जहन्नुम समझो…
…सिद्धार्थ

Language: Hindi
2 Likes · 223 Views
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