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12 May 2023 · 3 min read

बुश का बुर्का

जब से मैंने सुना है कि जार्ज बुश ने
अपनी पालतू बिल्ली का नाम
इंडिया रखा है
तब से हमनें इसमें
अपमान का भाव लखा है
और जब मैं इसे
बिल्कुल ही नहीं सह पाया
तो अपने एक राष्ट्रवादी मित्र के पास आया
मैंने उस जुझारू मित्र से कहा―
मित्र इस विषय पर प्रतिक्रिया जताइए
मुझे भी कुछ बताइए
मित्र बोले―
भाईसाहब
आप इतनी सी बात से क्यों मायूस हैं
उसने अपने बिल्ली को इंडिया कहा
आप अपने खौरहवा कुत्ते को जानिए कि
यही जॉर्ज बुश हैं
मैंने कहा―
जॉर्ज बुश कुत्ता हैं यह मेरे समझ में नहीं आया
जरा विस्तार से समझाइए भाया
तो बोले― धीरे से मुँह खोले
तनिक भी न घबराइए
मेरे और करीब आइए
आप क्यों चौकते हैं
देखिए, कुत्ता और नेता दोनों भौंकते हैं
अपनी जरूरत पर दुम हिलाते हैं
तलवे चाटते हैं
मौका निकलते ही दोनों काटते हैं
क्योंकि बुश नेता हैं
इसलिए कुत्ता हैं
मैं जवाब पाकर किसी संशय में नहीं रहा
वह खौरहवा कैसे हैं बताइए― कहा
तो बोले―
आप कितने हैं भोले
वह कुछ नहीं बोलता था
जब हम गाते थे आतंकवाद की लाचारी
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के गिरते ही
शुरू हो गई अफगानिस्तान में बमबारी
और वह तब से अपने वांछित चहेते
ओसामा बिन लादेन को ढूँढ़ रहा है
अफगानिस्तान में इधर-उधर दौड़ रहा है
जहाँ भी भनक मिलती है
सूँघता है और
सूँघ-सूँघ कर खौर रहा है
मैंने सब कुछ समझने का संकेत दिया
सिर हिलाया और
चर्चा को इस प्रकार आगे बढ़ाया
इराक पर विनाशकारी हथियार रखने का
झूठा आरोप लगाकर लड़ रहा है
क्या यह अच्छा कर रहा है
इतना सुनते ही मित्र मुस्कुराए
शरीर सीधा किया सिर हिलाए
थोड़ा इधर-उधर डोले
और फिर बोले
तेल वालों पर कब्जा जमाने का
उसके पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था
इसलिए वह हमेशा बोलेगा―
इराक पर अमेरिकी हमला सही था
लेकिन देखिए
बुश के चेहरे से बुर्का उतर गया है
सही नतीजे आने लगे हैं
और उसी के करतूत उसके मुख पर
कालिख बनकर छाने लगे हैं
वहाँ के कैदियों पर हो रहे अत्याचार का
सभी विरोध कर रहे हैं
सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं
यह सच है कि
अमेरिका का लोहा दुनिया ने माना है
लेकिन वहाँ कुछ कितने बेशर्म हैं
इराक का फिगर देखने के बाद जाना है
वह चाहे जो करें
उनसे हमारी कोई कटुता नहीं है
लेकिन जो इराक में हो रहा है
इससे बढ़कर कोई पशुता नहीं है
माफी मांग रहा है
शर्म से गड़ गया है
अब उसका बुर्का उतर गया है
इतना सब करने के बाद
क्या यही है काफी
कि वह मांग ले माफी
अगर सामने होते तो मैं पूछता
बुश साहब, क्या आप
माफी की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे
अगर दुनिया आपको माफ कर दे तो
क्या आप इन सभी युद्ध बंदियों को
माफ कर पाएँगे
अगर नहीं
तो कब तक आप में इंसानियत जगेगी
आपको मानव बनने में
अभी कितनी देर लगेगी
भगवान न करें
कहीं आपको भी
इन परिस्थितियों से गुजरना पड़े
तो कैसा लगेगा
मित्र का गला भर आया था
अब मैं उसे टोक दिया
चलो यार चाय ठंढी हो रही है
और चर्चा वहीं रोक दिया।

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