Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

जियान काहें कइलअ

जियान काहें कइलअ
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
दे देतअ दान हो-
जियान काहें कइलअ

दे देतअ ढेर बा त पेट भरि जाइत
तू फेकि दिहलअ गरीब केहू खाइत
जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
कहे कूड़ेदान हो-
जियान काहें कइलअ

कबो कबो खाला कबो रहि जा उपासे
लइका भिखारी एगो घरवा के पासे
जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
डहके नादान हो-
जियान काहें कइलअ

सुनि ल ये भाई तू पिरितिया निभावअ
कवनों ग़रीब के ना हक हथिआवअ
जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ जियान काहें कइलअ
हो के सग्यान हो-
जियान काहें कइलअ

– आकाश महेशपुरी

157 Views
You may also like:
हमारे बाबू जी (पिता जी)
Ramesh Adheer
“ तेरी लौ ”
DESH RAJ
सिर्फ तुम
Seema 'Tu hai na'
इस तरह
Dr fauzia Naseem shad
आंखों में कोई
Dr fauzia Naseem shad
पिता
Santoshi devi
माखन चोर
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
बारिश की बौछार
Shriyansh Gupta
*"पिता"*
Shashi kala vyas
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
Mamta Rani
उसे देख खिल जातीं कलियांँ
श्री रमण 'श्रीपद्'
अच्छा आहार, अच्छा स्वास्थ्य
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
दहेज़
आकाश महेशपुरी
फूल और कली के बीच का संवाद (हास्य व्यंग्य)
Anamika Singh
दिल की ये आरजू है
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिता का पता
श्री रमण 'श्रीपद्'
कुछ कहना है..
Vaishnavi Gupta
पिता
Buddha Prakash
बेटियों की जिंदगी
AMRESH KUMAR VERMA
पीकर जी भर मधु-प्याला
श्री रमण 'श्रीपद्'
गोरे मुखड़े पर काला चश्मा
श्री रमण 'श्रीपद्'
तपों की बारिश (समसामयिक नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
याद तेरी फिर आई है
Anamika Singh
कोई हमदर्द हो गरीबी का
Dr fauzia Naseem shad
✍️दो पल का सुकून ✍️
Vaishnavi Gupta
पापा
सेजल गोस्वामी
फौजी बनना कहाँ आसान है
Anamika Singh
क्या लगा आपको आप छोड़कर जाओगे,
Vaishnavi Gupta
"भोर"
Ajit Kumar "Karn"
Loading...