Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Feb 2024 · 1 min read

किस किस्से का जिक्र

मुझे जीवन मे लाखो रंग दिखे हे!
जो दिखे, केवल वो ही रंग लिखे है!!
शाश्वत प्रेम केवल मात-पिता का है,
बाकी तो स्वार्थ समस्या संग बिके है!!
भाई-भावज,पत्नी-पुत्र रिश्ते बेमानी,
साथ चले नही, जब हम तंग दिखे है!!
आओ सैर करा दू समाचार पत्रो की,
पत्नी हत्या करवाई प्रेमी संग लिखे है!!
बेटो ने जमीन जायदाद के बंटबारे को,
रात सोते बूढे को मार दिया तंग दिखे है!!
पाकिस्तान से पबजी प्रेमी सचिन खातिर,
तीन बच्चो को ले भाग आई,संग दिखे है!!
एक अभागी बच्चे बिलखते छोड पाक गई,
किस किस्से का जिक्र करै,जो ढंग दिखे है!!

सर्वाधिकार सुरछित मौलिक रचना बोधिसत्व कस्तूरिया एडवोकेट.कवि,पत्रकार 202 नीरवनिकुजं फेस -2
सिकंदरा,आगरा-282007 मो:9412443093

Language: Hindi
1 Like · 140 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Bodhisatva kastooriya
View all
You may also like:
वो जहां
वो जहां
हिमांशु Kulshrestha
मेरी हर सोच से आगे कदम तुम्हारे पड़े ।
मेरी हर सोच से आगे कदम तुम्हारे पड़े ।
Phool gufran
बारिश की बूंद
बारिश की बूंद
Neeraj Agarwal
याद  करने  पर याद  करता  है ,
याद करने पर याद करता है ,
Dr fauzia Naseem shad
..
..
*प्रणय*
Don’t ever forget that you can:
Don’t ever forget that you can:
पूर्वार्थ
****दोस्ती****
****दोस्ती****
Kavita Chouhan
सांकल
सांकल
Dr.Priya Soni Khare
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
ज़ेहन पे जब लगाम होता है
Johnny Ahmed 'क़ैस'
" अगर "
Dr. Kishan tandon kranti
नज़रों से नज़रें मिली जो
नज़रों से नज़रें मिली जो
Chitra Bisht
परिवार तक उनकी उपेक्षा करता है
परिवार तक उनकी उपेक्षा करता है
gurudeenverma198
लेख
लेख
Praveen Sain
चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी हैं तीर की तरह,
चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी हैं तीर की तरह,
Shubham Pandey (S P)
क्षणिकाए - व्यंग्य
क्षणिकाए - व्यंग्य
Sandeep Pande
देवी स्तुति द्वितीय अंक * 2*
देवी स्तुति द्वितीय अंक * 2*
मधुसूदन गौतम
खैरात बांटने वाला भी ख़ुद भिखारी बन जाता है,
खैरात बांटने वाला भी ख़ुद भिखारी बन जाता है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
तन्हायी
तन्हायी
Dipak Kumar "Girja"
*कौन जाने जिंदगी यह ,जीत है या हार है (हिंदी गजल)*
*कौन जाने जिंदगी यह ,जीत है या हार है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
माँ।
माँ।
Dr Archana Gupta
हे राम तुम्हारा अभिनंदन।
हे राम तुम्हारा अभिनंदन।
सत्य कुमार प्रेमी
ग़ज़ल _ याद आता है कभी वो, मुस्कुराना दोस्तों ,
ग़ज़ल _ याद आता है कभी वो, मुस्कुराना दोस्तों ,
Neelofar Khan
3567.💐 *पूर्णिका* 💐
3567.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
अगर, आप सही है
अगर, आप सही है
Bhupendra Rawat
জপ জপ কালী নাম জপ জপ দুর্গা নাম
জপ জপ কালী নাম জপ জপ দুর্গা নাম
Arghyadeep Chakraborty
लोकतंत्र बस चीख रहा है
लोकतंत्र बस चीख रहा है
अनिल कुमार निश्छल
दुनिया से ख़ाली हाथ सिकंदर चला गया
दुनिया से ख़ाली हाथ सिकंदर चला गया
Monika Arora
मां स्कंदमाता
मां स्कंदमाता
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हमारे ख्याब
हमारे ख्याब
Aisha Mohan
“विवादित साहित्यकार”
“विवादित साहित्यकार”
DrLakshman Jha Parimal
Loading...