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3 May 2024 · 1 min read

अपने पराए

उनके ख़तों को जलाकर देख लिया ,
उनकी यादों को भुलाकर देख लिया ,
उनकी तस्वीर को छुपाकर देख लिया ,

दिल से उनका एहसास मिटता नहीं ,
ज़ेहन में जो बसी उनकी तस्वीर मिटती नहीं ,

आंखों में नींद नहीं उनके ख्व़ाब पलते हैं ,
सारी-सारी रात हम बेचैन करवट बदलते रहते हैं,

लगता है वो दिलो जाँ से बढ़कर रूह में समाए हैं
अब हमें इल्म़ हुआ वो किस क़दर अपने हैं ,
जिन्हें हमने समझा था के हो गए पराए हैं ।

Language: Hindi
63 Views
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