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7 Jan 2023 · 1 min read

💐💐यह सफ़र कभी ख़त्म नहीं होगा💐💐

##मणिकर्णिका##
##bonie चिढ़ गई##
##बस में नहीं है,नही तो भस्म कर दे##
##कुछ कर भी न सकी,चुन्नी##
##यहीं जाना है##
##कमाल, सोहबत,निशान ऊँचा##
##नहीं ये गीत अभी से बनना शुरू हुए हैं##
##ईश्वर तेरे संसार को प्रसन्नता से भर दें##
##मैं लिख,कह सकता हूँ, पर अन्दर बैठा जीव किसी का बुरा नहीं सोच सकता##

यह सफ़र कभी ख़त्म नहीं होगा,
यह सफ़र कभी ख़त्म नहीं होगा,
पहचान इक है बची बस आपकी,
बात उनकी हैं सभी काम की,
हाज़िर हुए बग़ैर ही सौदा किया,
कसमें दिला देते हैं बस साथ की,
‘यह उनका इंतजार है’जो ख़त्म नहीं होगा,
यह सफ़र कभी ख़त्म नहीं होगा।।1।।
देखते हुए उनको चलते रहे,
उनसे दूरियाँ भी हम सहते रहे,
कोई इज़हार भी तो कर सकते थे,
‘यह दिल भी आपका है’कहते रहे,
‘यह बजता हुआ साज है’जो ख़त्म नहीं होगा,
यह सफ़र कभी ख़त्म नहीं होगा।।2।।
‘बोसीदगी कब थी? सब नया है,
जरूर मिलते यह तो जमाने की हया है,
कोई रंजिश मानते हो तो मानो,
सदमा लगा और वक़्त ठहर गया है,
‘तुम पर जो नाज़ है’कभी ख़त्म नहीं होगा,
यह सफ़र कभी ख़त्म नहीं होगा।।3।।
ग़लत भी कहेंगे तेरे एतबार के वास्ते,
यह दीग़र है तुम कुछ भी समझो,
मुक़ाबिल कौन है तुम ही तय करो,
पेशतर तुम मेरे दिल को अपना दिल समझो,
‘तुम्हारा एहसान है’जो कभी ख़त्म नहीं होगा,
यह सफ़र कभी ख़त्म नहीं होगा।।4।।
बोसीदगी-पुरानापन,मुक़ाबिल-विपरीत, पेशतर-पूर्व,पहले, सबसे पहले
©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
Tag: गीत
144 Views
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