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21 Nov 2022 · 1 min read

🌸🌼उनकी किस सादगी पर हम मचलते रहे🌼🌸

##पागल##

उनकी किस सादगी पर हम मचलते रहे,
उनकी किस सादगी पर हम मचलते रहे,
दिल की गहराइयों के छोर पर,
उनके और मेरे प्रेम की डोर पर,
कुछ अलग से सितारे चमकने लगे,
मैं भी तन्हा रहा वो भी तन्हा रहे,
उनकी किस सादगी पर हम मचलते रहे।।1।।
मैंने देखा तुम्हें राह पर थी नज़र,
उससे नजरें और नज़ारे बदलते गए,
क्यों कहता तुमसे मैं अपनी बाजियाँ,
मैं चलता रहा वो भी चलते रहे,
उनकी किस सादगी पर हम मचलते रहे।।2।।
गुम तो होना है सबको, इस ज़मीन पर,
फिर फ़कत आरजू की क्यों?बात कर,
तेरे बिना कोई दर्शन मैं कैसे करूँ,
तेरी तस्वीर ही देख सिसकते रहे,
उनकी किस सादगी पर हम मचलते रहे।।3।।
मैंने देखा तुझे इक लकीर खींच दी,
उसके तौसीक़^ में दो बातें लिखीं,
न मानो लकीर, यह दिल है मेरा,
फिर क्यों तुम हे मधुर!कम धड़कते रहे,
उनकी किस सादगी पर हम मचलते रहे।।4।।

तौसीक़-दृढ़ता,समर्थन

©®अभिषेक पाराशर:

Language: Hindi
Tag: गीत
197 Views
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