Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Sep 2022 · 1 min read

✍️सुलगता जलजला

ख़ामोशी भी इक सुलगता जलजला होती है
ऊँची आवाजो को दबा दे ऐसी बला होती है
………………………………………………………………//
©✍️’अशांत’ शेखर
23/09/2022

3 Likes · 6 Comments · 24 Views
You may also like:
पिता
Neha Sharma
गीत
शेख़ जाफ़र खान
हमें क़िस्मत ने आज़माया है ।
Dr fauzia Naseem shad
पिता के रिश्ते में फर्क होता है।
Taj Mohammad
आंसूओं की नमी का क्या करते
Dr fauzia Naseem shad
सोलह शृंगार
श्री रमण 'श्रीपद्'
Little sister
Buddha Prakash
तप रहे हैं दिन घनेरे / (तपन का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
बेजुबान और कसाई
मनोज कर्ण
दिल में
Dr fauzia Naseem shad
आसान नहीं होता है पिता बन पाना
Poetry By Satendra
हायकु मुक्तक-पिता
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
"पिता की क्षमता"
पंकज कुमार कर्ण
अब भी श्रम करती है वृद्धा / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
हो मन में लगन
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
रावण - विभीषण संवाद (मेरी कल्पना)
Anamika Singh
श्रीराम गाथा
मनोज कर्ण
उनकी यादें
Ram Krishan Rastogi
बंशी बजाये मोहना
लक्ष्मी सिंह
मजदूरों का जीवन।
Anamika Singh
" मां" बच्चों की भाग्य विधाता
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
जब बेटा पिता पे सवाल उठाता हैं
Nitu Sah
सही गलत का
Dr fauzia Naseem shad
मांँ की लालटेन
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिता - जीवन का आधार
आनन्द कुमार
"सूखा गुलाब का फूल"
Ajit Kumar "Karn"
पितृ वंदना
मनोज कर्ण
पिता की व्यथा
मनोज कर्ण
पिता क्या है?
Varsha Chaurasiya
इज़हार
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Loading...