Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Jul 2016 · 1 min read

ग़ज़ल (आज के हालात )

ग़ज़ल (आज के हालात )

आज के हालात में किस किस से हम शिकवा करें
हो रही अपनों से क्यों आज यारों जंग है

खून भी पानी की माफिक बिक रहा बाजार में
नाम से पहचान होती किसमें किसका रंग है

सत्य की सुंदर गली में मन नहीं लगता है अब
जा नहीं सकते है उसमें ये तो काफी तंग है

देखकर दुशमन भी कहते क्या करे हम आपका
एक तो पहले से घायल गल चुके सब अंग है

बँट गए है आज हम इस तरह से देखिये
हर तरफ आबाज आती क्या अजीव संग है

जुल्म की हर दास्ताँ को, खामोश होकर सह चुके
ब्यक्त करने का मदन ये क्या अजीव ढंग है

ग़ज़ल (आज के हालात )
मदन मोहन सक्सेना

223 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मैं नारी हूं
मैं नारी हूं
Mukesh Kumar Sonkar
है कुछ पर कुछ बताया जा रहा है।।
है कुछ पर कुछ बताया जा रहा है।।
सत्य कुमार प्रेमी
तुम्हारी बातों में ही
तुम्हारी बातों में ही
हिमांशु Kulshrestha
आयी थी खुशियाँ, जिस दरवाजे से होकर, हाँ बैठी हूँ उसी दहलीज़ पर, रुसवा अपनों से मैं होकर।
आयी थी खुशियाँ, जिस दरवाजे से होकर, हाँ बैठी हूँ उसी दहलीज़ पर, रुसवा अपनों से मैं होकर।
Manisha Manjari
निराशा एक आशा
निराशा एक आशा
डॉ. शिव लहरी
क़यामत
क़यामत
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
Love is a physical modern time.
Love is a physical modern time.
Neeraj Agarwal
ज़माना
ज़माना
अखिलेश 'अखिल'
माना तुम्हारे मुक़ाबिल नहीं मैं।
माना तुम्हारे मुक़ाबिल नहीं मैं।
डॉ.सीमा अग्रवाल
Right way
Right way
Dr.sima
जिंदा है हम
जिंदा है हम
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
स्वयंसिद्धा
स्वयंसिद्धा
ऋचा पाठक पंत
चाल, चरित्र और चेहरा, सबको अपना अच्छा लगता है…
चाल, चरित्र और चेहरा, सबको अपना अच्छा लगता है…
Anand Kumar
■ बड़ा सवाल...
■ बड़ा सवाल...
*Author प्रणय प्रभात*
संग चले जीवन की राह पर हम
संग चले जीवन की राह पर हम
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
करती रही बातें
करती रही बातें
sushil sarna
एक नारी की पीड़ा
एक नारी की पीड़ा
Ram Krishan Rastogi
प्रबुद्ध लोग -
प्रबुद्ध लोग -
Raju Gajbhiye
चुनिंदा बाल कविताएँ (बाल कविता संग्रह)
चुनिंदा बाल कविताएँ (बाल कविता संग्रह)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"हाशिया"
Dr. Kishan tandon kranti
प्यार के बारे में क्या?
प्यार के बारे में क्या?
Otteri Selvakumar
हादसे ज़िंदगी का हिस्सा हैं
हादसे ज़िंदगी का हिस्सा हैं
Dr fauzia Naseem shad
!! गुजर जायेंगे दुःख के पल !!
!! गुजर जायेंगे दुःख के पल !!
जगदीश लववंशी
लोगों के दिलों में बसना चाहते हैं
लोगों के दिलों में बसना चाहते हैं
Harminder Kaur
“कब मानव कवि बन जाता हैं ”
“कब मानव कवि बन जाता हैं ”
Rituraj shivem verma
यादों में
यादों में
Shweta Soni
कोई पढे या ना पढे मैं तो लिखता जाऊँगा  !
कोई पढे या ना पढे मैं तो लिखता जाऊँगा !
DrLakshman Jha Parimal
न्याय तुला और इक्कीसवीं सदी
न्याय तुला और इक्कीसवीं सदी
आशा शैली
*रथ (बाल कविता)*
*रथ (बाल कविता)*
Ravi Prakash
कसूर उनका नहीं मेरा ही था,
कसूर उनका नहीं मेरा ही था,
Vishal babu (vishu)
Loading...