Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Feb 2023 · 1 min read

मुबहम हो राह

होकर न होने का ख्याल क्या मजबूरी है?
कश्मकश वजह से ही जिंदगी से दूरी है।
मुबहम हो राह तो खोज ले हमनवां कोई,
खुद के होने का अहसास बहुत जरूरी है।

सतीश सृजन

Language: Hindi
244 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Satish Srijan
View all
You may also like:
मन भर बोझ हो मन पर
मन भर बोझ हो मन पर
Atul "Krishn"
प्रथम संवाद में अपने से श्रेष्ठ को कभी मित्र नहीं कहना , हो
प्रथम संवाद में अपने से श्रेष्ठ को कभी मित्र नहीं कहना , हो
DrLakshman Jha Parimal
*** हम दो राही....!!! ***
*** हम दो राही....!!! ***
VEDANTA PATEL
नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा
नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा
Shashi kala vyas
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ११)
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ११)
Kanchan Khanna
ना मंजिल की कमी होती है और ना जिन्दगी छोटी होती है
ना मंजिल की कमी होती है और ना जिन्दगी छोटी होती है
शेखर सिंह
" क़ैद में ज़िन्दगी "
Chunnu Lal Gupta
दोहा त्रयी . . . .
दोहा त्रयी . . . .
sushil sarna
*तंजीम*
*तंजीम*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*जिस सभा में जाति पलती, उस सभा को छोड़ दो (मुक्तक)*
*जिस सभा में जाति पलती, उस सभा को छोड़ दो (मुक्तक)*
Ravi Prakash
चन्द्रयान पहुँचा वहाँ,
चन्द्रयान पहुँचा वहाँ,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
महायोद्धा टंट्या भील के पदचिन्हों पर चलकर महेंद्र सिंह कन्नौज बने मुफलिसी आवाम की आवाज: राकेश देवडे़ बिरसावादी
महायोद्धा टंट्या भील के पदचिन्हों पर चलकर महेंद्र सिंह कन्नौज बने मुफलिसी आवाम की आवाज: राकेश देवडे़ बिरसावादी
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
दर्द  जख्म कराह सब कुछ तो हैं मुझ में
दर्द जख्म कराह सब कुछ तो हैं मुझ में
Ashwini sharma
मुक्तक
मुक्तक
जगदीश शर्मा सहज
सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक
लक्ष्मी सिंह
😢विडम्बना😢
😢विडम्बना😢
*प्रणय प्रभात*
देखेगा
देखेगा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
"चिन्तन"
Dr. Kishan tandon kranti
भूख
भूख
नाथ सोनांचली
3188.*पूर्णिका*
3188.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सुकून
सुकून
Neeraj Agarwal
भाथी के विलुप्ति के कगार पर होने के बहाने / MUSAFIR BAITHA
भाथी के विलुप्ति के कगार पर होने के बहाने / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
खुद से मिल
खुद से मिल
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
वेलेंटाइन डे रिप्रोडक्शन की एक प्रेक्टिकल क्लास है।
वेलेंटाइन डे रिप्रोडक्शन की एक प्रेक्टिकल क्लास है।
Rj Anand Prajapati
गद्दार है वह जिसके दिल में
गद्दार है वह जिसके दिल में
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
वक़्त का समय
वक़्त का समय
भरत कुमार सोलंकी
परिंदा हूं आसमां का
परिंदा हूं आसमां का
Praveen Sain
🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹
🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹
Dr .Shweta sood 'Madhu'
सुन लिया करो दिल की आवाज को,
सुन लिया करो दिल की आवाज को,
Manisha Wandhare
For a thought, you're eternity
For a thought, you're eternity
पूर्वार्थ
Loading...