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27 Apr 2018 · 1 min read

हे राम तुम्हें अब आना होगा

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राम तुम्हें अब आना होगा
====///====///====///====
राम तुम्हें अब आना होगा।
आकर पाप मिटाना होगा।
??
दुराचार से व्याकुल वसुधा।
उसका बोझ घटाना होगा।
??
राम लखन सा भ्रातृ प्रेम अब-
मानव मन में जगान होगा।
??
रघुकुल का वो रीत वचन का-
फिर से तुम्हें निभाना होगा।
??
हर मन मे रावण बैठा अब।
भगवत रूप दिखाना होगा।
??
त्रास हरण कर मानव मन का।
धर्म ध्वजा फहराना होगा।
??
व्यथित तमस से है वसुधा अब-
सत्य का सूर्य उगाना होगा।
………..✍? स्वरचित
पं.संजीव शुक्ल “सचिन”

1 Like · 213 Views
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