Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Feb 2017 · 1 min read

हालात

मैं आशुफ्ता हो गया हूँ
जाने ये कैसे हो गया।
नाग सा अब मैं तड़पता,
मणि है मेरा खो गया।
किस इल्लत की ऐ खुदा,
तुम ने दी मुझको ये सजा।
गम है मेरी जिंदगी में,
खुशियों को दे दी है रजा।
मैंने इबादत खुब किया,
तुम ने दिया मुझे इब्तिला।
इब्न हूँ तेरा खुदा मैं ,
तुम ने किया इन्साफ क्या।
तोड़ कर के ये कफक
ये आत्मा आजाद कर दे।
या फिर खुदा उस बावरी को “ओम
सिंह” के साथ कर दे।

Language: Hindi
404 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चोर उचक्के बेईमान सब, सेवा करने आए
चोर उचक्के बेईमान सब, सेवा करने आए
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
क्यों पढ़ा नहीं भूगोल?
क्यों पढ़ा नहीं भूगोल?
AJAY AMITABH SUMAN
आदिशक्ति वन्दन
आदिशक्ति वन्दन
Mohan Pandey
सरस्वती माँ ज्ञान का, सबको देना दान ।
सरस्वती माँ ज्ञान का, सबको देना दान ।
जगदीश शर्मा सहज
*देश का दर्द (मणिपुर से आहत)*
*देश का दर्द (मणिपुर से आहत)*
Dushyant Kumar
बचपन,
बचपन, "बूढ़ा " हो गया था,
Nitesh Kumar Srivastava
#दोहा
#दोहा
*प्रणय प्रभात*
जय श्री राम
जय श्री राम
आर.एस. 'प्रीतम'
सनातन के नाम पर जो स्त्रियों पर अपने कुत्सित विचार रखते हैं
सनातन के नाम पर जो स्त्रियों पर अपने कुत्सित विचार रखते हैं
Sonam Puneet Dubey
उनसे कहना अभी मौत से डरा नहीं हूं मैं
उनसे कहना अभी मौत से डरा नहीं हूं मैं
Phool gufran
*हो न लोकतंत्र की हार*
*हो न लोकतंत्र की हार*
Poonam Matia
भय के द्वारा ही सदा, शोषण सबका होय
भय के द्वारा ही सदा, शोषण सबका होय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
शुभ संकेत जग ज़हान भारती🙏
शुभ संकेत जग ज़हान भारती🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
बुंदेली दोहा- गरे गौ (भाग-1)
बुंदेली दोहा- गरे गौ (भाग-1)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
पिछले पन्ने 4
पिछले पन्ने 4
Paras Nath Jha
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
रोशनी से तेरी वहां चांद  रूठा बैठा है
रोशनी से तेरी वहां चांद रूठा बैठा है
Virendra kumar
କଳା ସଂସ୍କୃତି ଓ ପରମ୍ପରା
କଳା ସଂସ୍କୃତି ଓ ପରମ୍ପରା
Bidyadhar Mantry
ख्वाब हो गए हैं वो दिन
ख्वाब हो गए हैं वो दिन
shabina. Naaz
सत्य शुरू से अंत तक
सत्य शुरू से अंत तक
विजय कुमार अग्रवाल
"सोचिए"
Dr. Kishan tandon kranti
ज़िंदगी को अब फुर्सत ही कहां,
ज़िंदगी को अब फुर्सत ही कहां,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
कैसे बचेगी मानवता
कैसे बचेगी मानवता
Dr. Man Mohan Krishna
मोहब्बत से कह कर तो देखो
मोहब्बत से कह कर तो देखो
Surinder blackpen
3396⚘ *पूर्णिका* ⚘
3396⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
वक़्त का समय
वक़्त का समय
भरत कुमार सोलंकी
काश आज चंद्रमा से मुलाकाकत हो जाती!
काश आज चंद्रमा से मुलाकाकत हो जाती!
पूर्वार्थ
आज दिवाकर शान से,
आज दिवाकर शान से,
sushil sarna
*अर्थ करवाचौथ का (गीतिका)*
*अर्थ करवाचौथ का (गीतिका)*
Ravi Prakash
Loading...