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20 Dec 2023 · 1 min read

हालातों का असर

कुदरत की रा’नाईओं का भी
असर होता है ,
तन्हा वीरानियों का भी
सफ़र होता ,

ख़िज़ाँ में सूखे पत्तों का भी
शजर होता है ,
बादलों में छुपा हुआ भी
मेहर होता है ,

रौशन फ़िशाँ का भी
आग़ाज़ -ए- सहर होता है,
गर्दिश-ए-दौराँ में बदला हुआ भी
शहर होता है,

दौलत और रसूख़ की ख़ातिर,
ज़मीर भी नज़र होता है ।

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